Washington: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हर बात में टैरिफ लगाने की धमकी देना अपनी आदत बना ली है। अब ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने को लेकर खुली धमकी दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प ने कहा कि अगर किसी देश ने ग्रीनलैंड पर कब्जे वाले प्लान में उनका साथ नहीं दिया तो वे उन देशों पर टैरिफ लगाएंगे।
ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान यह बयान दिया। हालांकि, ट्रम्प ने साफ नहीं किया कि किन देशों पर टैरिफ लगाया जाएगा और इसके लिए वह किस कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर नाटो से भी बातचीत कर रहा है। ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि छ।ज्व् को अमेरिका का साथ देना चाहिए। अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल नहीं किया, तो रूस या चीन वहां अपना असर बढ़ा सकते हैं, जो किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ट्रम्प बोले- गोल्डन डोम प्रोजेक्ट के लिए ग्रीनलैंड जरूरी
ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को गोल्डन डोम नामक बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के लिए भी अहम बताया है। गोल्डन डोम अमेरिका का मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट है।
यह इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है। गोल्डन डोम का मकसद चीन, रूस जैसे देशों से आने वाले खतरे से अमेरिका को बचाना है।
अमेरिकी संसद की टीम ग्रीनलैंड पहुंची
ट्रम्प के बयान के वक्त अमेरिकी संसद का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड के दौरे पर था। इस 11 सदस्यीय टीम का नेतृत्व डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स कर रहे हैं। इसमें रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस और लिसा मर्काेव्स्की भी शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीनलैंड के सांसदों के अलावा डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन से मुलाकात की।
टीम का मकसद स्थानीय लोगों की बात सुनना और वॉशिंगटन में तनाव कम करना है। सीनेटर कून्स ने कहा, ‘हम ग्रीनलैंड के लोगों की सुन रहे हैं और उनकी राय लेकर वापस जाएंगे, ताकि स्थिति शांत हो।’
ग्रीनलैंड की सांसद आजा चेमनित्ज ने कहा, श्हमें दोस्तों और सहयोगियों की जरूरत है। अमेरिका 2019 से दबाव बना रहा है। यह एक लंबी दौड़ है, जो अभी खत्म नहीं हुई। जितना ज्यादा समर्थन मिले, उतना अच्छा।ष् उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मुलाकात फायदेमंद साबित होगी।
ग्रीनलैंड को लेकर दो गुट में बंटे अमेरिकी सांसद
अमेरिकी सीनेटर मर्काेव्स्की ने ग्रीनलैंड को जबरन लेने के खिलाफ संसद में एक बिल पेश किया है। वहीं, एक रिपब्लिकन सांसद ने ग्रीनलैंड को जोड़ने के पक्ष में दूसरा बिल पेश किया।
ट्रम्प के विशेष दूत जेफ लैंड्री ने बताया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड के नेताओं से सीधे बात करनी चाहिए, न कि डेनमार्क से। उन्होंने कहा, ‘ट्रम्प गंभीर हैं। जल्द ही सौदा हो जाएगा।’
बुधवार को डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ट ने व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्काे रुबियो से मुलाकात की थी।
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एक डेनिश अधिकारी ने मीडिया से कहा कि सैन्य कार्रवाई की कोई बात नहीं हुई, लेकिन ट्रम्प के बयानों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ग्रीनलैंड पर चर्चा के लिए वर्किंग ग्रुप बनेगा
व्हाइट हाउस में बुधवार को हुई बातचीत में डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ। हालांकि, बैठक के बाद तीनों पक्षों ने ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति जताई, जिसकी बैठकें आने वाले हफ्तों में होंगी।
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ट्रम्प बोले- संधि या लीज नहीं, ग्रीनलैंड पर पूरा कंट्रोल चाहिए
ट्रम्प का कहना है कि रूसी और चीनी जहाजों की मौजूदगी के कारण ग्रीनलैंड अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि सिर्फ संधि या लीज से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरा कंट्रोल चाहिए। इससे और सुविधाएं मिलेंगी।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने मंगलवार को कहा कि उनकी टीम ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने के कई तरीके तलाश रही है, जिनमें सैन्य बल का इस्तेमाल भी शामिल है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनलैंड की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया गया तो अमेरिका को श्कुछ करना ही पड़ेगा।



