ED Raids IPAC Office: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने गुरुवार को कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की. छापेमारी की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सबसे पहले प्रतीक जैन के आवास पर पहुंची. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह छापेमारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर की गई है. छापेमारी को लेकर TMC नेता कुणाल घोष के नेतृ्त्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया. फिलहाल मामले को लेकर राजनीति तेज होती जा रही है. इसी बीच भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया आई है.
“लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया“
उन्होंने कहा कि बंगाल में जो हुआ वो आज़ाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री, एक प्राइवेट प्रॉपर्टी में घुसकर जहां ईडी के द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई चल रही है वहां जाती हैं और धमकाती हैं तथा पेपर छीनकर करके वहां से चली जाती. उनका आचरण अमर्यादित, असंवैधानिक, शर्मनाक है लेकिन उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है.
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“ममता बनर्जी का व्यवहार मॉडर्न जिन्नाह की तरह“
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने I-PAC ऑफिस पर ED की छापेमारी पर कहा कि आज ममता बनर्जी का व्यवहार, ‘मॉडर्न जिन्नाह’ की तरह है. वे लोगों को उकसा रही हैं और बंगाल के अंदर असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक व अशोभनीय व्यवहार कर रही हैं. ऐसा क्या था जिसकी वजह से आप वहां चली गईं? आपने ED की कार्रवाई के बीच जाकर फाइलें छीन लीं. ये दुखद है ममता , न तो वो TMC का कार्यालय है, न तो वो TMC के किसी अधिकारी का घर है तो फिर आप कैसे TMC का पक्ष रख रही हैं? स्पष्ट है कि कोयला घोटाले में कोई ऐसा आरोपी है जो आपका अपना है, जिसे आप बचाना चाह रही हैं.
“अनुमति के साथ प्रदर्शन नहीं किया“
वहीं पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने TMC सांसदों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पर कहा कि उन्होंने सूचित करके या अनुमति के साथ प्रदर्शन नहीं किया. दिल्ली में सभी लोगों को दिल्ली पुलिस के पास याचिका देकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन यदि वे लोग अचानक वहां जाकर प्रदर्शन करेंगे तो ठीक नहीं है. वह संवेदनशील क्षेत्र है. कानून के अनुसार ही कार्रवाई हुई है.
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