रामनगरी अयोध्या एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के रंग में रंगी नजर आ रही है। राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे शहर में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल है। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और चारों ओर जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष सुनाई दे रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी और अंग्रेजी नववर्ष का दुर्लभ संयोग बना है, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और अधिक बढ़ गया है। अयोध्या के प्रमुख मार्ग, मंदिर परिसर और धार्मिक स्थलों को भव्य सजावट से सजाया गया है।
31 दिसंबर को क्यों मनाया जा रहा है उत्सव?
हालांकि रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी, लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार इसकी वार्षिक तिथि पौष शुक्ल द्वादशी मानी जाती है। वर्ष 2025 में यह तिथि 31 दिसंबर को पड़ी है। इसी कारण रामलला के द्वितीय वार्षिकोत्सव का आयोजन 29 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है।
मुख्य समारोह में शामिल होंगे विशिष्ट अतिथि
प्रतिष्ठा द्वादशी के मुख्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति प्रस्तावित है। कार्यक्रम के तहत मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, ध्वजारोहण और पूजा-अर्चना की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न आयोजनों में सहभागिता करेंगे और श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
वार्षिकोत्सव के दौरान अयोध्या में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें पूजा-अर्चना, हवन, भजन-कीर्तन, रामकथा, रामलीला, रामचरितमानस पाठ और कवि सम्मेलन शामिल हैं। राम मंदिर परिसर से लेकर अंगद टीला तक पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
राम जन्मभूमि मंदिर के साथ-साथ हनुमानगढ़ी, कनक भवन और अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। दूर-दराज से आए भक्त घंटों इंतजार कर भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन कर रहे हैं। दीपों की रोशनी, भजनों की गूंज और रामनाम का जाप पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विशेष अतिथियों की मौजूदगी और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर को कई सुरक्षा जोनों में बांटा गया है। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
आस्था और संस्कृति का भव्य उत्सव
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आस्था, संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक बन चुकी है। नए वर्ष के स्वागत और प्रतिष्ठा द्वादशी के पावन अवसर पर अयोध्या में उमड़ा यह श्रद्धा-सैलाब एक बार फिर यह संदेश देता है कि रामनगरी भारत की आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है।
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