Iran-America war news: अमेरिका द्वारा युद्व विराम की घोषणा और ईरान द्वारा इनकार के बाद के हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं भारतीय मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ईरान द्वारा तेल पर कंट्रोल से दुनियाभर में तेल मंहगा हो सकता है, ट्रंप युद्व में फंसते जा रहे हैं। दूसरी ओर ईरान लगातार अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है ईरान ने मंगलवार रात कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट ड्रोन अटैक किया, जिससे वहां मौजूद फ्यूल टैंक में आग लग गई।
कुवैती सेना की जवाबी कार्रवाई
कुवैत की सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अगर कहीं धमाके की आवाज सुनाई दे रही है, तो वह दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की वजह से है। सेना ने लोगों से अपील की है कि वे सरकार के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इससे पहले कुवैत के नेशनल गार्ड ने बताया कि उसने अपने इलाके में 5 ड्रोन मार गिराए हैं।
अमेरिका के ठिकानों पर हमले
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इराक के एक उग्रवादी समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने कहा है कि उसने पिछले 24 घंटे में अमेरिका से जुड़े 23 ठिकानों पर हमले किए हैं। ग्रुप के मुताबिक, इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन हमलों से कितना नुकसान हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
ट्रम्प के चारों ओर जाल कसता जा रहा है
अमेरिका के डिफेंस एक्सपर्ट और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार रॉबर्ट पेप ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के चारों ओर जाल कसता जा रहा है। ट्रम्प ईरान के साथ बढ़ते तनाव में ऐसे हालात में फंस सकते हैं, जहां युद्ध धीरे-धीरे और बड़ा होता चला जाता है। रॉबर्ट पेप ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि शुरुआत में छोटे-छोटे हमले किए जाते हैं, लेकिन जब उनसे बड़ा टागरेट हासिल नहीं होता, तो हमले और बढ़ा दिए जाते हैं। इसी को एस्केलेशन ट्रैप कहा जाता है, यानी ऐसा जाल जिसमें फंसकर युद्ध लगातार बढ़ता जाता है।
तेल हो सकता है मंहगा
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध बढ़ा, होर्मुज स्ट्रेट पर असर पड़ सकता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। इससे तेल महंगा हो सकता है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।
पेप के मुताबिक, इस स्थिति में ईरान मजबूत हो सकता है और तेल पर ज्यादा कंट्रोल हासिल कर सकता है। हालात संभालने के लिए इजराइल की सैन्य कार्रवाई को कंट्रोल करना जरूरी है और यह फैसला ट्रम्प ही ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के मरीन सैनिक ईरान पहुंच जाते हैं, तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। अभी ट्रम्प ने हमले कुछ दिनों के लिए कम किए हैं, लेकिन यह सिर्फ समय लेने का तरीका हो सकता है। पेप ने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाता, तब तक यह नहीं कहा जा सकता कि तनाव कम हो रहा है।
ईरान जंग रोकने का प्रस्ताव गिरा
अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में ईरान जंग रोकने के लिए लाया गया प्रस्ताव गिर गया। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से लाए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में 47 जबकि विपक्ष में 53 वोट पड़े। यह तीसरी बार था जब डेमोक्रेट्स ने ऐसा प्रस्ताव रखा था। उनका कहना है कि अमेरिका में युद्ध शुरू करने का अधिकार कांग्रेस के पास होता है, इसलिए ट्रम्प बिना पूरी मंजूरी के यह कदम नहीं उठा सकते। इसी वजह से वे लगातार ऐसे प्रस्ताव ला रहे हैं, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। डेमोक्रेट्स ने यह भी आरोप लगाया है कि ट्रम्प सरकार इस युद्ध को ठीक से समझा नहीं पा रही है। सांसद क्रिस मर्फी ने कहा कि सरकार अब तक यह नहीं बता पाई है कि युद्ध क्यों जरूरी है। डेमोक्रेट्स ने साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे को यहीं नहीं छोड़ेंगे और हर हफ्ते इस पर वोटिंग कराते रहेंगे, जब तक सरकार आकर अपनी बात साफ नहीं करती।
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गाजा में इजराइल की एयरस्ट्राइक, 4 लोगों की मौत
सेंट्रल गाजा में इजराइल के हवाई हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है। न्यूज एजेंसी वफा के मुताबिक, यह हमला अज-जवायदा इलाके में हुआ, जहां अचानक एयर स्ट्राइक की गई।
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