Google : गूगल ने अपने Google I/O Connect India 2026 इवेंट के दौरान अपने बिल्कुल नए AI Research Foundations करिकुलम की घोषणा की है. यह 56 घंटे का एक पूरी तरह से फ्री कोर्स है, जिसे गूगल डीपमाइंड ने तैयार किया है. गूगल का यह इवेंट 14 जुलाई को बेंगलुरु के बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित हुआ, जहां कई बड़े ऐलान हुए. अगर आप भी AI की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं या फिर खुद का ChatGPT और Gemini जैसा सुपर-स्मार्ट AI मॉडल बनाना सीखना चाहते हैं, तो आपके लिए शानदार मौका है. गूगल के इस कोर्स की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ बेसिक AI नहीं, बल्कि ChatGPT और जेमिनी जैसे एआई चैटबॉट्स के पीछे काम करने वाली मुख्य तकनीक यानी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स यानी LLMs को बनाना और उन्हें फाइन-ट्यून करना सिखाया जाएगा.
कोर्स की मुख्य बातें और फायदे
यह कोर्स Google Skills प्लेटफॉर्म पर फ्री में उपलब्ध है. कोर्स पूरा करने पर लर्नर्स को Google Cloud Skill बैज और सर्टिफिकेट मिलेंगे. गूगल इस प्रोग्राम को बड़े स्तर पर पहुंचाने के लिए NASSCOM, IISc बेंगलुरु और AVPN के साथ मिलकर काम कर रहा है. इस प्रोग्राम में डेवलपर्स को फ्रंटियर एआई टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड एआई रिसर्च तकनीकों का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलेगा.
बिजनेस के लिए जेमिनी हुआ और भी मजबूत
गूगल ने भारतीय बिजनेस और स्टार्टअप्स के लिए भी बड़े ऐलान किए हैं. Google Cloud के चीफ इवेंजेलिस्ट रिचर्ड सेरोटर ने इसकी जानकारी दी -अब भारतीय कंपनियां Gemini 3.5 Flash को इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग यानी देश के अंदर डेटा प्रोसेसिंग के साथ एक्सेस कर सकेंगी. इसके अलावा, सरकारी और रेगुलेटेड सेक्टर्स Google Distributed Cloud के जरिए भारतीय डेटा सेंटर्स से ही जेमिनी का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे डेटा सुरक्षा और स्थानीय नियमों का पालन आसानी से हो सकेगा.
साइबर सिक्योरिटी के लिए आया Sec-Gemini V3
साइबर सिक्योरिटी को और मजबूत बनाने के लिए गूगल भारत में अपना एआई-पावर्ड सिक्योरिटी असिस्टेंट Sec-Gemini V3 लेकर आया है. फिलहाल फ्लिपकार्ट सहित कुछ चुनिंदा सरकारी और एंटरप्राइज टेस्टर्स को यह दिया गया है. साथ ही गूगल ने CAPSEM नाम का एक ओपन-सोर्स सिक्योरिटी टूल भी पेश किया गया है, जो एआई एजेंट्स को सुरक्षित रखता है, जिससे एक हिस्सा हैक होने पर भी पूरा सिस्टम सेफ रहे. एआई सेफ्टी पर रिसर्च के लिए गूगल ने IIT दिल्ली और IIT मद्रास से भी हाथ मिलाया है.
टीचर्स के लिए ATL Saathi और सेहत के लिए MedGemma
गूगल डीपमाइंड ने ATL Saathi नाम का एक जेमिनी-पावर्ड एआई असिस्टेंट लॉन्च किया है, जो अटल टिंकरिंग लैब्स में टीचर्स को लेसन प्लान और एक्टिविटीज तैयार करने में मदद करेगा. शुरुआत में यह 100 स्कूलों में आएगा, जिसे बाद में 10,000 स्कूलों तक बढ़ाया जाएगा.
हेल्थकेयर में एआई
AIIMS दिल्ली के रिसर्चर्स गूगल के MedGemma एआई मॉडल का इस्तेमाल करके कुष्ठ रोग और सेक्शुअल हेल्थ से जुड़ी बीमारियों का पता लगाने और उनके इलाज के लिए टूल बना रहे हैं.
Gemini Live में 25 भारतीय भाषाएं
अब जेमिनी लाइव में संस्कृत, भोजपुरी और मैथिली समेत 25 भारतीय भाषाओं और बोलियों का सपोर्ट मिलेगा. इसके साथ ही गूगल ने बताया कि साल 2025 में गूगल प्ले और एंड्रॉइड इकोसिस्टम ने भारत के ऐप पब्लिशर्स और डिजिटल इकॉनमी में 5.3 लाख करोड़ का योगदान दिया है, जो पिछले साल के मुकाबले 28% ज्यादा है.
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