ChatGPT Prism : आज रिसर्च पेपर लिखने के लिए अलग-अलग टूल्स का सहारा लेना पड़ता है, कहीं ड्राफ्टिंग, कहीं LaTeX में इक्वेशन, कहीं रेफरेंस मैनेजमेंट और कहीं AI से मदद। OpenAI का नया टूल- ChatGPT Prism इसी बिखरे हुए प्रोसेस को एक ही जगह लाने की कोशिश है।
OpenAI ने ChatGPT Prism को एक फ्री, क्लाउड-बेस्ड साइंटिफिक राइटिंग वर्कस्पेस के तौर पर लॉन्च किया है, जिसमें GPT-5.2 को सीधे राइटिंग प्रोसेस के अंदर जोड़ा गया है। अब AI सिर्फ बाहर बैठकर सलाह नहीं देगा, बल्कि आपके डॉक्युमेंट का हिस्सा बनकर काम करेगा।
ChatGPT Prism क्या है?
ChatGPT Prism एक LaTeX-native वर्कस्पेस है, जिसे खास तौर पर रिसर्चर्स, साइंटिस्ट्स और स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें GPT-5.2 आपके पूरे प्रोजेक्ट के स्ट्रक्चर को समझता है, जैसे सेक्शन, इक्वेशन, रेफरेंस, फिगर्स और उनके बीच का लॉजिक क्या है।
Prism अभी सभी पर्सनल ChatGPT यूजर्स के लिए उपलब्ध है। आने वाले समय में इसे Business, Enterprise और Education अकाउंट्स के लिए भी रोलआउट किया जाएगा।
ChatGPT Prism से रिसर्चर्स क्या कर सकते हैं?
Prism का मकसद रिसर्च के अलग-अलग स्टेप्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाना है। इसके जरिए यूजर्स बहुत कुछ कर सकते हैं। रिसर्च आइडियाज़ को उसी डॉक्युमेंट के अंदर AI के साथ एक्सप्लोर कर सकते हैं
इक्वेशन, फॉर्मूला और LaTeX को AI की मदद से लिख और सुधार सकते हैं- चलते-चलते रेलेवेंट रिसर्च पेपर्स और रेफरेंस जोड़ सकते हैं, व्हाइटबोर्ड या नोट्स से सीधे LaTeX इक्वेशन जनरेट कर सकते हैं
पेपर की भाषा, फ्लो और लॉजिक को बेहतर बना सकते हैं, रियल-टाइम में को-ऑथर्स के साथ काम कर सकते हैं,
वॉइस कमांड्स के जरिए छोटे एडिट्स कर सकते हैं
सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें बार-बार टेक्स्ट कॉपी-पेस्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती।
ChatGPT Prism कैसे इस्तेमाल करें?
Prism का इस्तेमाल करना काफी आसान रखा गया है
स्टेप 1: नया प्रोजेक्ट शुरू करें
आप चाहें तो ब्लैंक LaTeX फाइल से शुरुआत कर सकते हैं या पहले से मौजूद डॉक्युमेंट अपलोड कर सकते हैं।
स्टेप 2: कोलैबोरेटर्स को इनवाइट करें
अपने को-ऑथर्स, स्टूडेंट्स या प्रोफेसर्स को रियल-टाइम एडिटिंग के लिए जोड़ें।
स्टेप 3: AI के साथ लिखें और एडिट करें
डॉक्युमेंट के अंदर ही GPT-5.2 से सेक्शन सुधारने, इक्वेशन चेक करने या आर्ग्युमेंट स्ट्रॉन्ग करने को कह सकते हैं।
स्टेप 4: कंसिस्टेंसी और लॉजिक चेक करें
AI से पूछ सकते हैं कि रेफरेंस सही हैं या नहीं, इक्वेशन मेल खाते हैं या नहीं।
स्टेप 5: फाइनल एक्सपोर्ट करें
पेपर को पब्लिकेशन-रेडी फॉर्मेट में एक्सपोर्ट करें।
यह भी पढ़ें : AI जनरेटेड कंटेंट पर होगा लेबल लगाना जरुरी, Tech कंपनियों की आपत्ति के बाद केन्द्र सरकार ने बदले नियम
रिसर्च के लिए Prism क्यों अहम है?
आज साइंटिफिक रिसर्च टीमवर्क पर टिकी होती है, जहां अलग-अलग जगहों पर बैठे लोग एक ही पेपर पर काम करते हैं। Prism में अनलिमिटेड प्रोजेक्ट्स और कोलैबोरेटर्स का सपोर्ट दिया गया है, जिससे फाइल मैनेजमेंट और वर्ज़न कन्फ्यूजन खत्म हो जाता है।
OpenAI का मानना है कि जैसे AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को बदला है, वैसे ही यह रिसर्च राइटिंग को भी बदल सकता है। ChatGPT Prism उसी दिशा में एक बड़ा कदम है-जहां AI डॉक्युमेंट के बाहर नहीं, बल्कि डॉक्युमेंट के अंदर काम करता है।
यह भी देखें : कैब ड्राइवर का अपहरण करने की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस



