BAT-BMS App: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे BAT-BMS ऐप के वीडियो ने ई-रिक्शा चालकों की चिंता बढ़ा दी है. दावा किया जा रहा है कि इस ऐप की मदद से ब्लूटूथ के जरिए चलते ई-रिक्शे की बैटरी को दूर से लॉक कर वाहन रोका जा सकता है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कई चालकों ने चलते-चलते ई-रिक्शा बंद होने की शिकायत भी दर्ज कराई है. हालांकि शुरुआती तकनीकी पड़ताल और पुलिस जांच में अब तक ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया है कि यह ऐप बिना अनुमति किसी भी ई-रिक्शा को दूर से लॉक कर सकता है.
बिजनौर में ई-रिक्शा चालकों की शिकायत से बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना नगर में पिछले दो दिनों से कई ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि चलते समय उनके वाहन अचानक बंद या लॉक हो रहे हैं. चालकों का कहना है कि इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और सड़क दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है. शिकायतों के बाद बड़ी संख्या में चालक पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जांच की मांग की. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगभग एक हजार परिवार ई-रिक्शा चलाकर जीवनयापन करते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ BAT-BMS ऐप
दरअसल, सोशल मीडिया पर BAT-BMS नाम के मोबाइल ऐप के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं.इनमें दावा किया गया कि इस ऐप के जरिए ब्लूटूथ से किसी भी ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से लॉक या डिसेबल किया जा सकता है. इन वीडियो के बाद ई-रिक्शा चालकों और इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
सिर्फ़ इस एक ऐप से आप चलती हुई Tirri को हैक करके बन्द कर सकते हैं,
लेकिन EVM हैक नही हो सकती। ☠️#TirriHack #Tirri #EvmHack #Evm pic.twitter.com/KGekDBPR8u
— Aadil Mansoori | عادل منصوري (@MansooriSaab) July 1, 2026
क्या करता है BAT-BMS ऐप?
BAT-BMS ऐप को चीन की शेनझेन ग्रीनएनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ने विकसित किया है. यह ऐप ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लिथियम बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए बनाया गया है. इसके जरिए बैटरी का चार्जिंग लेवल, वोल्टेज, तापमान, डिस्चार्ज करंट और अन्य तकनीकी जानकारियां देखी जा सकती हैं. कुछ स्मार्ट बैटरियों में चार्जिंग ऑन-ऑफ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं.
तकनीकी जांच में क्या सामने आया?
ऐप की तकनीकी पड़ताल में यह जरूर सामने आया कि इसमें बैटरी से कनेक्ट होने और उसकी जानकारी देखने के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन किसी भी ई-रिक्शा को सीधे लॉक या बंद करने का अलग विकल्प नहीं मिला. परीक्षण के दौरान ऐप ने पास के किसी ब्लूटूथ डिवाइस को पहचानने की कोशिश की, लेकिन कंट्रोल सेक्शन खोलने पर पासवर्ड मांगा गया. सामान्य पासवर्ड डालने पर भी आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी.
क्या यार ऐसे लग रहा है जैसे जन्मों का बदला एक ही दिन में ले लेंगे।
कोई भी आदमी e-rickshaw को बंद कर दे रहा है अपने मोबाइल से।
एक Chinese app आया है मार्केट में जिसका नाम BAT-BMS ऐप है
इसको इंस्टाल करने के बाद आप किसी भी e-rickshaw को इस एप के जरिए Bluetooth से कनेक्ट कर… pic.twitter.com/QLKzAhS1cB
— Champaran Wala (@champaranwala) July 1, 2026
बिना पेयरिंग बैटरी कंट्रोल करना आसान नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट बैटरी से कनेक्ट होने के लिए पहले उसकी पेयरिंग और अधिकृत एक्सेस जरूरी होता है. बिना अनुमति या सही पासवर्ड के किसी भी वाहन की बैटरी को नियंत्रित करना सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं माना जाता. इसके अलावा भारत में चल रहे अधिकांश ई-रिक्शा अभी भी पारंपरिक लीड-एसिड या सामान्य लिथियम बैटरियों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट BMS उपलब्ध नहीं होता. फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि ई-रिक्शों के अचानक बंद होने का कारण BAT-BMS ऐप है या फिर इसके पीछे बैटरी, कंट्रोलर या कोई अन्य तकनीकी खराबी जिम्मेदार है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.
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