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सूरज की ऊर्जा Capture करने चांद पर लगेगी AI सैटेलाइट फैक्ट्री !

elon musk

Future Technology: सूरज की असीमित ऊर्जा का दोहन करने का सबसे बडा प्रोजेक्ट एलन मस्क लेकर आए हैं। दुनिया के सबसे अमीर एलॉन मस्क चांद पर AI सैटेलाइट फैक्ट्री लगाने की योजना बना रहे हैं। इस बारे में मस्क का कहना है कि वे इसके जरिए सूरज की ऊर्जा कैप्चर करना चाहते हैं। मस्क ने अपनी AI कंपनी XAI की इंटरनल मीटिंग का 45 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ये जानकारी सामने आई है।

मस्क की योजना यह है कि धरती की सीमित बिजली पर निर्भर रहने के बजाय चांद को एक बड़ी फैक्ट्री बनाई जाए, जहां से लाखों एआई सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे जा सकें। चांद की कम ग्रेविटी की वजह से इन सैटेलाइट्स को बहुत कम खर्च में तैनात किया जा सकेगा।

इन सैटेलाइट्स में लगे पैनल सूरज की असीमित ऊर्जा को कैप्चर करेंगे। शुरुआत में इस ऊर्जा का इस्तेमाल स्पेस डेटा सेंटर्स को चलाने में होगा, जिससे ।प् को असीमित सोचने और काम करने की शक्ति मिलेगी। पृथ्वी पर कम ऊर्जा के कारण ऐसा संभव नहीं है।

इसके बाद आने वाले सालों में जब हमारे पास सूरज की असीमित ऊर्जा को कैप्चर करने की टेक्नोलॉजी आ जाएगी तो स्पेसशिप को चलाने के लिए ईंधन की चिंता नहीं जाएगी। ये जहाज हमें दूसरे ग्रहों तक ले जाएंगे। अंतरिक्ष में ही खाने-पीने का इंतजाम हो सकेगा।

सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल

मस्क ने कहा अगर हम आज की मानव सभ्यता की ऊर्जा खपत को देखें, तो हम पृथ्वी की संभावित ऊर्जा का केवल 1% हिस्सा ही इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर हम सूरज की कुल ऊर्जा का 10 लाखवां हिस्सा भी हासिल कर लें, तो वह आज की सभ्यता द्वारा उपयोग की जाने वाली ऊर्जा से करीब 10 लाख गुना ज्यादा होगी।

सूरज हमारे सौर मंडल के कुल द्रव्यमान का 99.8þ है। अगर हमें सूरज की ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है, तो हमें पृथ्वी की सीमा से बाहर निकलना ही होगा।

’मास ड्राइवर’ से डीप स्पेस में चांद से लॉन्च होंगे सैटेलाइट्स

मस्क का कहना है कि हमारा अगला कदम ’अर्थ ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स’ है। हम स्पेसएक्स की मदद से हर साल 100 से 200 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर्स अंतरिक्ष में लॉन्च करेंगे। उन्होंने कहा अगर हमें 1 टेरावॉट से भी आगे जाना है, तो चांद पर जाना होगा। मस्क ने बताया वे चांद पर ऐसी फैक्ट्रियां बनाएंगे जो एआई सैटेलाइट्स तैयार करेंगी।

वहां एक ’मास ड्राइवर’ भी लगाया जाएगा। यह चांद से एआई सैटेलाइट्स को सीधे डीप स्पेस में लॉन्च करेगा। इससे हम सूरज की ऊर्जा के कुछ प्रतिशत हिस्से तक पहुंच पाएंगे। पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे

मस्क का विजन असल में ’डाइसन स्फीयर’ के कॉन्सेप्ट पर आधारित है। यह एक ऐसा विशाल ढांचा होता है जो ऊर्जा को कैप्चर करने के लिए पूरे सूरज को चारों तरफ से ढक लेता है।

मस्क चांद पर ’मास ड्राइवर’ के जरिए जो एआई सैटेलाइट्स भेजेंगे, वे धीरे-धीरे सूरज के चारों ओर ऐसा ही एक जाल या घेरा बनाएंगे। इससे हमारे पास इतनी बिजली होगी कि हम पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे और बड़े से बड़े स्पेसशिप चला सकेंगे।

फाउंडिंग टीम के 12 मेंबर्स में से 6 को निकाला

मीटिंग में मस्क ने बताया कि कंपनी से कई पुराने कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। इसमें कंपनी की शुरुआत करने वाली फाउंडिंग टीम के सदस्य भी शामिल हैं।

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