Result :राजस्थान में अब तक 301 निकायों के रिजल्ट घोषित हो चुके हैं। जिनमें से बीजेपी के 197, कांग्रेस के 94, निर्दलीय 7 और आप, सीपीएम, आरएलपी के एक-एक अध्यक्ष बने हैं। भाजपा ने 7 में से 6 नगर निगम में जीत कर अपने मेयर बनाए और कांग्रेस केवल बीकानेर में अपना महापौर बना पाई। अजमेर-पाली में कांग्रेस बढ़त के बाद भी खुद का मेयर नहीं बना पाई। दोनों ही जगह भाजपा जीती। अजमेर में अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि यहां भाजपा के 32 पार्षद जीते थे।
पाली में कांग्रेस की सुमित्रा जैन को केवल 3 वोट मिले
पाली में मेयर बनीं नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा के 21 पार्षद जीतकर आए थे। वहीं, कांग्रेस की सुमित्रा जैन को केवल 3 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस के पास 29 पार्षद थे। उदयपुर में बीजेपी के पारस सिंघवी और अलवर में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल जीतीं। अलवर में सुमनलता को 42 जबकि कांग्रेस की कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। बीकानेर में पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे और कांग्रेस नेता अनिल कल्ला मेयर बन गए। बारां की अटरू नगर पालिका में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर को कांग्रेस की निशा नैनीवाल ने 3 वोट से हरा दिया।
जयपुर समेत 3 नगर निगम में 25 सितंबर को
बता दें कि भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम समेत 32 निकायों में निर्विरोध निर्वाचन हो गया था। जयपुर समेत 3 नगर निगम और एक नगर पालिका में 25 सितंबर को मेयर और चेयरमैन का निर्वाचन होगा। 32 निकाय प्रमुख निर्विरोध चुने गए : राजस्थान के 309 शहरी निकायों में से 32 में निर्विरोध चुनाव हुए हैं। भरतपुर, भीलवाड़ा नगर निगम के मेयर, 6 नगर परिषद सभापति और 24 नगपालिका अध्यक्ष निर्विरोध चुने जा चुके हैं। वहीं, तीन नगर निगम सहित चार निकायों में 25 सितंबर को चुनाव होंगे।
अजमेर में वोटिंग से पहले हंगामा: अजमेर नगर निगम परिसर के बाहर वोटिंग से पहले हंगामा हो गया। कांग्रेस के पूर्व देहात अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मेयर पद की दावेदार किरण गढ़वाल को लेकर निगम पहुंचे। भूपेंद्र सिंह के निगम परिसर में प्रवेश को लेकर बैरिकेड के पास भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। इसके बाद पुलिस ऑफिसर तुरंत भूपेंद्र सिंह को बाहर लेकर गए।
बीजेपी का आरोप- कांग्रेस ने पार्षद को 51 लाख का ऑफर दिया : अजमेर की केकड़ी नगर पालिका में चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अनिल मित्तल और भाजपा पार्षद राजेंद्र चौधरी का वीडियो सामने आया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने बीजेपी पार्षद को कॉल कर मोटी रकम के बदले कांग्रेस के पक्ष में वोट देने का लालच दिया। कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल ने बीजेपी पार्षद राजेंद्र चौधरी को 51 लाख रुपए में सौदा फाइनल करने के लिए कहा।
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