Garba :मुंबई में नवरात्रि और गरबा आयोजन में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। नवरात्रि और गरबा शुरू होने से पहले ही मुंबई में मुस्लिमों की एंट्री का मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन गया है. एक तरफ बीजेपी और हिंदू संगठनों के नेता धार्मिक आयोजन की प्रकृति और सुरक्षा का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे धार्मिक आधार पर भेदभाव और समाज में तनाव पैदा करने का मुद्दा बता रहे हैं।
बीजेपी विधायक ने कहा मुस्लिम युवक ना आएं
बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि मुस्लिम युवक गरबा में न आएं. अगर कोई आना चाहता है तो अपनी पत्नी, बहन या बेटी के साथ आए, तिलक लगाए और देवी की पूजा करे. विश्व हिंदू परिषद भी पहचान सत्यापन की मांग कर रहा है।
गरबा लव जिहाद की जगह नहीं
बीजेपी विधायक संजय उपाध्यायने गरबा को लव जिहाद की जगह नहीं बनाने की बात कही है. वहीं पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने कहा कि तिलक लगाकर आने वाले मुस्लिमों को प्रवेश दिया जा सकता है. अब इसपर विपक्ष ने बीजेपी पर धार्मिक आधार पर समाज को बांटने का आरोप लगाया है. कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और AIMIM के कई नेताओं ने इन बयानों का विरोध किया है।
धार्मिक आधार पर समाज को बांटने का लगा आरोप
अब इसपर विपक्ष ने बीजेपी पर हमला करना शुरू कर दिया है. कांग्रेस भी इस विवाद में खुलकर सामने आ गई है. मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहसिन हैदर ने बीजेपी पर जानबूझकर हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद पैदा करने का आरोप लगाया है. वहीं, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुस्लिम युवकों के साथ-साथ मुस्लिम महिलाओं से भी गरबा में आने की अपील की है। शिवसेना के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं बुर्का या नकाब में भी आएं, लेकिन हिंदू संस्कृति को समझें कि नवरात्रि क्यों मनाई जाती है और गरबा क्यों खेला जाता है.
ऐसे बयानों से धार्मिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश
दूसरी तरफ AIMIM की मुंबई महिला विंग की अध्यक्ष एडवोकेट जहांआरा शेख ने बीजेपी नेताओं के बयानों का विरोध किया है. उनका आरोप है कि ऐसे बयानों से धार्मिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि हिंदू-मुस्लिमों के बीच ईद, दिवाली और दूसरे त्योहारों में एक-दूसरे के साथ शामिल होने की पुरानी परंपरा रही है।
तिलक लगाकर आने पर ही गरबा में मिले प्रवेश
मुंबई के बोरीवली में इस साल होने वाले बड़े गरबा आयोजन को लेकर मुस्लिमों की एंट्री का मुद्दा सियासी विवाद का केंद्र बन गया है. बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने साफ कहा है कि इस बार गरबा में मुस्लिमों की एंट्री नहीं होगी.उपाध्याय ने कहा कि गरबा लव जिहाद की जगह नहीं है और सनातन धर्म में विश्वास रखने वालों का ही यहां स्वागत होना चाहिए। पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी का कहना है कि कोई मुस्लिम तिलक लगाकर आता है तो उसे गरबा में प्रवेश दिया जा सकता है. उन्होंने हिंदुओं के मुस्लिम त्योहारों में शामिल होने का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हिंदू ईद के कार्यक्रमों में टोपी पहनते हैं, तो मुस्लिम भी हिंदू धार्मिक आयोजन में तिलक लगा सकते हैं।
बोरीवली में गरबा क्वीन फाल्गुनी पाठक के कार्यक्रम
बोरीवली के इस गरबा आयोजन में डांडिया सिंगर गीता रबारी और गरबा क्वीन फाल्गुनी पाठक के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं. 20 अक्टूबर को फाल्गुनी पाठक के परफॉर्मेंस की जानकारी है. बोरीवली तक ही यह मुद्दा सीमित नहीं है. विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र के गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग की है. वीएचपी की तरफ से आयोजकों को पहचान सत्यापन की बातें कही गई है.
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