Sikar: सीकर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। बीजेपी नेता डॉ. बीएल रणवा और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। डोटासरा की हालिया टिप्पणी के बाद अब रणवा का पलटवार सामने आया है, जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया है।
डोटासरा के बयान से शुरू हुआ विवाद
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने डॉ. बीएल रणवा पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि सीकर में एक डॉक्टर है, जिसका अस्पताल ठीक से नहीं चलता और वह सरकारी योजनाओं के सहारे ही चल रहा है। इसी दौरान डोटासरा ने भगवा जैकेट पहनने को लेकर भी टिप्पणी कर दी थी।
रणवा का पलटवार, पहनावे पर सवाल क्यों?
डोटासरा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. बीएल रणवा ने कहा कि सार्वजनिक मंच से मेरे जैसे किसान के बेटे पर टिप्पणी कर मेरे मूल अधिकारों का हनन किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब डोटासरा यह भी तय करेंगे कि मैं किस रंग की जैकेट पहनूं? रणवा ने कहा कि भगवा और केसरिया मूल रूप से एक ही रंग हैं। यह रंग साधु-संतों, त्याग, आध्यात्मिकता और वीरता का प्रतीक है। ऐसे पवित्र रंग का अपमान करने का अधिकार डोटासरा को किसने दिया? बीजेपी नेताओं ने इसे साधु-संतों, देवी-देवताओं और राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान बताया है।
अस्पताल और सरकारी योजनाओं पर जवाब
डोटासरा के अस्पताल वाले बयान पर रणवा ने कहा कि मैं किसी अस्पताल का ट्रस्टी हूं और अगर वह अस्पताल सरकारी योजनाओं के तहत आम लोगों की सेवा कर रहा है, तो इसमें गलत क्या है। अगर गरीब और जरूरतमंद लोगों को इलाज मिल रहा है, तो इससे किसी को दर्द नहीं होना चाहिए। डॉ. रणवा के इस बयान के बाद साफ है कि सीकर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी तकरार और तेज होने वाली है। आने वाले दिनों में यह बयानबाजी और कितनी बढ़ेगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।



