Mamata Banerjee:राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार करने पर कहा कि जब वे जीती थी तब तो आरोप नहीं लगाती, जब हार रही हैं तब आरोप लगा रही हैं, यह इनकी आदत में है. कांग्रेस की भी यही आदत है. ये लोग जब हारते हैं तो EVM, चुनाव आयोग पर निशाना साधते हैं लेकिन जब जीतते हैं तब ऐसा नहीं करते. इन्हें जनता के जनादेश को स्वीकारना चाहिए.
क्या बोलीं थी ममता बनर्जी?
दरअसल, पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि हम चुनाव हारे नहीं, बल्कि हमें हराया गया है, विलेन चुनाव आयोग है. चुनाव आयोग की मदद से बीजेपी ने 100 सीटें लूटीं. दुख की बात है कि CEC इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और EVM को लूटने वाला खलनायक बन गया. क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? चुनाव से दो दिन पहले उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया. हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया. सभी IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया. उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला. यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है.
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उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन ने उन्हें फ़ोन किया. INDIA गठबंधन के सभी साथियों ने उनसे कहा कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं. मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मज़बूत रहेगी. अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएं. तो, वह कल आएंगे. एक-एक करके सब आएंगे. मेरा लक्ष्य बहुत साफ़ है. मैं INDIA गठबंधन को मज़बूत करूंगी, बिल्कुल एक आम आदमी की तरह. अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं. इसलिए, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हो. मैं अब एक आज़ाद पंछी हूं. मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी लोगों की सेवा में लगा दी, इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला. मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं. लेकिन अब मैं एक आज़ाद पंछी हूं .इसलिए मैं कुछ काम करूंगी और अपना गुज़ारा खुद करूंगी.
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि मैं इस्तीफ़ा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं, मैं राजभवन नहीं जाऊंगी. मैं यह कहना चाहती हूं कि हम चुनाव नहीं हारे. यह हमें हराने की उनकी कोशिश है. आधिकारिक तौर पर चुनाव आयोग के ज़रिए हमें हराया गया है, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीत गए हैं.



