Jaipur News: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी नेता एवं राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया द्वारा महाराणा प्रताप को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेशभर में नाराज़गी देखी जा रही है। कटारिया ने कहा कि महाराणा प्रताप को जिंदा करने का काम जनता पार्टी ने किया, जिसके बाद यह बयान राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।
इस मुद्दे पर अखिल भारत हिंदू क्रांति सेना महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष किरण शेखावत ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि गुलाबचंद कटारिया एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और मेवाड़ की धरती से आते हैं, जिसे महाराणा प्रताप की भूमि कहा जाता है। ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि पूरे मेवाड़ और छत्तीस कौम का अपमान है।
किरण शेखावत ने कहा कि मेवाड़ हजारों वर्षों का गौरवशाली इतिहास रखता है और महाराणा प्रताप किसी राजनीतिक दल की देन नहीं, बल्कि जन-जन के हृदय में जीवित हैं। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी की मिट्टी को लोग आज भी तिलक लगाकर सम्मान देते हैं और उसी धरती पर इस तरह का बयान दिया जाना बेहद निंदनीय है।
उन्होंने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप को पांच सौ साल से अधिक हो चुके हैं और किसी दल द्वारा उन्हें “जिंदा करने” की बात कहना इतिहास का अपमान है।
किरण शेखावत ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार नेता मीडिया में बने रहने के लिए जानबूझकर विवादित बयान देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गुलाबचंद कटारिया सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो मेवाड़ से आंदोलन शुरू किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर की जाने वाली बयानबाजी और कुछ संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि केवल फेसबुक पोस्ट से समाज का सम्मान नहीं बचाया जा सकता, बल्कि ज़मीन पर आकर विरोध दर्ज कराना चाहिए।
किरण शेखावत ने स्पष्ट कहा कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में जीवित हैं और उनके लिए शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
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