Congress: राजस्थान की राजनीति में अरावली अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं रही, बल्कि कांग्रेस (Congress)के लिए सियासी अनुशासन का बड़ा इम्तेहान बन गई है। पूरे प्रदेश में कांग्रेस अरावली को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है, लेकिन इसी मुद्दे पर पार्टी के अंदर ही नाराज़गी खुलकर सामने आ गई है।
प्रदर्शन नहीं करने वाले जिलाध्यक्षों पर डोटासरा नाराज़
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने अपनी ही पार्टी के 8 जिला अध्यक्षों पर सख्त रुख अपनाया है। डोटासरा ने साफ कहा कि जिन जिलों में अब तक अरावली को लेकर कोई प्रदर्शन नहीं हुआ है, वहां के जिला अध्यक्षों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं रोज़ रात को जिलों की रिपोर्ट देखकर सोता हूं, लेकिन अब भी आठ ऐसे जिले हैं जहां कोई आंदोलन नहीं हुआ।”
कांग्रेस स्थापना दिवस पर बीजेपी पर तीखा हमला
कांग्रेस (Congress)के स्थापना दिवस के मौके पर बोलते हुए डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने बीजेपी (BJP) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार को दोगुना करने का काम किया है। इतना ही नहीं, डोटासरा ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बनाए गए कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जनता को अधिकार देने वाले मजबूत कानून बनाए थे, जिन्हें अब धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है। राइट टू फूड, राइट टू एजुकेशन, राइट टू वर्क और राइट टू इनफॉर्मेशन जैसे कानूनों पर लगातार चोट की जा रही है।
कांग्रेस के भीतर भी अनुशासन का सवाल
डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा, “हमें महात्मा गांधी का नाम बदलने से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि ये लोग गांधी को मानने वाले हैं ही नहीं, ये तो गोडसे को मानने वाले लोग हैं।” कुल मिलाकर अरावली को बचाने का यह आंदोलन अब सिर्फ बीजेपी सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस (Congress) के भीतर अनुशासन और जवाबदेही का भी बड़ा मुद्दा बन गया है।



