Pappu Yadav: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुजारी का वेश धारण करके संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के सामने प्रदर्शन को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव लगातार एनडीए नेताओं के निशाने पर हैं. इसी बीच रविवार को पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि क्या मुझे भगवा पहनने का अधिकार नहीं है? FIR से राहुल गांधी कभी नहीं डरे, प्रियंका गांधी कभी नहीं डरी, फिर पप्पू यादव कैसे डर जाए. सनातन और भगवान के साथ गद्दारी करने वालों के खिलाफ सनातन और भारत के लोगों की आस्था की रक्षा करने के लिए अगर पप्पू यादव को मरना होगा, मैं हर दिन कफन बांधकर निकलता हूं.
उन्होंने कहा कि चंदा चोर से ये लोग पूछेंगे नहीं, चंपत राय से पूछेंगे नहीं. हनुमान जी को नचाया, उस पर बोलेंगे नहीं…पूरा देश के सनातन की चोरी कर लिया. पप्पू यादव को मार के क्या फायदा है? हमको जला कर क्या फायदा है? राहुल गांधी, जो लगातार लड़ रहे हो, सनातन के मुद्दों को लेकर लगातार लड़ रहे हैं. सनातन के विचारों पर हमला, पूरे देश की आस्था पर हमला, 100 करोड़ लोगों की आस्था पर हमला, भगवान के साथ गद्दारी. शंकराचार्य को इन लोगों ने पीटा, तब कोई नहीं बोला. हनुमान जी को नचाया, तब कोई नहीं बोला. क्या ये मेरी संस्कृति नहीं है कि हम भगवा पहनकर संत की आवाज को उंचा करें? आप हमें गाली दे रहे हो, जला देंगे, मार देंगे.
अयोध्या के संतों पप्पू यादव पर बोला हमला
वहीं दूसरी तरफ पप्पू यादव पर संत समाज का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है. अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के मामले पर कहा कि देश में जिस तरह से पहली बार इस तरह का देखा गया कि संसद भवन परिसर के अंदर जिस तरह से सनातन का अपमान, भगवा का अपमान, परात्पर परमात्मा भगवान श्री राम का अपमान विपक्षी सांसदों के द्वारा किया गया, यह अक्षम्य और दंडनीय है. काशी में साधु-संतों के द्वारा नामजद राहुल गांधी, पप्पू यादव और अभयेश प्रसाद के ऊपर एफआईआर पंजीकृत हो गई है और भी जो इस कुकृत्य में सम्मिलित लोग हैं, उनके ऊपर भी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.
“पप्पू यादव नास्तिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है”
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय दास ने कहा कि पप्पू यादव नास्तिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और आज तक भगवान राम लला का दर्शन तक उन लोगों ने नहीं किया. वह चाहे अवधेश प्रसाद हों, चाहे पप्पू यादव हों, कि कोई भी हो. इन लोगों ने जो है, हमेशा भगवान राम के बारे में, संतों के बारे में, सनातन धर्म के बारे में हमेशा उसके पीठ पर कुठाराघात करने की चेष्टा की. आए आने वाले समय में इसका खामियाजा उनको भुगतना ही पड़ेगा. संत समाज अगाध सागर है और संत समाज ने अगर ऐसा कहा है कि अवधेश प्रसाद का पुतला फूंका है, जुलूस निकाला है, तो कहीं न कहीं पूरे भारतवर्ष के संत एकजुट हैं, संगठित हैं और जितने सनातनी धर्म हैं, जिन लोगों ने भी ऐसे कृत्य का विरोध किया है, वह बहुत ही अच्छा उन्होंने किया है और इन लोगों के खिलाफ जो FIR दर्ज हुआ है, उस पर भी कार्रवाई होगी और ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्ति को प्रभु राम स्वयं नहीं बख्शेंगे.
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