OBC, SC-ST : राजस्थान में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठी है। ओबीसी शिष्टमंडल ने राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से शिष्टाचार भेंट कर इन वर्गों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का मुद्दा उठाया। शिष्टमंडल ने मांग की कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के योग्य उम्मीदवारों को केवल आरक्षित सीटों तक सीमित न रखकर सामान्य (जनरल) सीटों से भी चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए।
‘सिर्फ आरक्षित सीटों तक सीमित रखना सामाजिक न्याय के खिलाफ’
शिष्टमंडल की ओर से ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस ओबीसी विभाग के पूर्व नेशनल कॉर्डिनेटर राजेन्द्र सेन ने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को केवल आरक्षित सीटों तक सीमित रखना सामाजिक न्याय की मूल भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को इन वर्गों के योग्य और सक्षम नेताओं को सामान्य सीटों से भी टिकट देना चाहिए, ताकि उनकी वास्तविक भागीदारी और नेतृत्व सुनिश्चित हो सके।
जनसंख्या के अनुरूप मिले राजनीतिक प्रतिनिधित्व
राजेन्द्र सेन ने कहा कि देश और प्रदेश की आबादी में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। ऐसे में इन वर्गों को राजनीतिक दलों में भी उनकी जनसंख्या और सामाजिक भागीदारी के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका कहना था कि इससे लोकतंत्र अधिक समावेशी, संतुलित और मजबूत बनेगा।
टीकाराम जूली ने दिया सकारात्मक आश्वासन
शिष्टमंडल की मांगों पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गंभीरता से चर्चा की और प्रतिनिधिमंडल की बात को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने इस विषय पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान शिष्टमंडल में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के उपाध्यक्ष नरेन्द्र मारवाल, महासचिव विनोद प्रजापत, अरविंद जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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