Kota News: राजस्थान के कोटा शहर से दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां करीब 2 महीने पहले रिटार्यड हुए प्रिंसिपल की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई. घटना ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है. वहीं घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा कि कोटा की यह खबर हृदयविदारक है. सरकारी लापरवाही से गई रामेश्वर रावल की जान जाने की खबर बेहद दुखद है. यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस दुखद घटना के जिम्मेदारों पर भाजपा सरकार में कोई कार्रवाई नहीं होगी, क्योंकि भाजपा सरकार के लिए आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है और न ही सरकार कोई जवाबदेही तय कर सकती है. लोकसभा स्पीकर जहां से तीन बार से सांसद हों, क्या वहां भी ऐसी लापरवाही से गई जान पर कोई कार्रवाई नहीं होगी?

“जनता को सच में कॉकरोच ही समझ लिया है”
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि ऐसा लगता है राजस्थान की भाजपा सरकार ने आम जनता को सच में कॉकरोच ही समझ लिया है इसलिए किसी की जान जाने की परवाह ही नहीं है. प्रिंसिपल रामेश्वर रावल का सरकारी लापरवाही से खुले पड़े नाले में गिरने से निधन बेहद दुखद है. मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस हत्या की भी कोई जांच नहीं होगी और न ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई होगी. झोटवाड़ा, जयपुर में सीवरेज साफ करते हुए जान गंवाने वाले तीन सफाईकर्मियों की मृत्यु की जांच रिपोर्ट जो एक सप्ताह में आनी थी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी थी, वो आजतक नहीं हुई. ऐसे ही इस हादसे में होगा. भाजपा को पता है कि चुनाव में जवाबदेही पर वोट नहीं मिलेगा, चुनाव के समय हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण कर वोट मिल जाएगा इसलिए उन्हें आम जनता की जान की परवाह भी नहीं है.

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि कोटा शहर के बोरखेड़ा इलाके में नाले और नहर पर पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन इस दौरान न सावधानी बरती गई और न ही बैरिकेंडिग की गई थी न ही कोई सूचना बोर्ड लगाया गया था. जिसकी वजह से हादसा हुआ. रिटायर्ड प्रिंसिपल रामेश्वर रावल जब अपनी बाइक से आ रहे थे तब यह हादसा हुआ. अंधेरे में उन्हें बोरखेड़ा थेकड़ा लिंक रोड पर स्थित नाला नहीं दिखाई दिया और वो बाइक समेत नाले में जा गिरे. घरवाले रातभर उसको फोन करते रहे लेकिन रामेश्वर रावल का फोन बंद आ रहा था. जब सुबह 10 बजे के करीब मजदूर निर्माण कार्य करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को हटाया. टीचर का शव बाइक के नीचे दबा हुआ था. शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
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