NEET Paper Leak News: राजस्थान में नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और गरमा गया है. जिसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट का घोटाला हुआ था, दबा दिया इन्होंने. इनके खुद के लोगों के नाम आ रहे थे उसके अंदर. यही यहां हो रहा है, अभी मैंने सुना तीस चालीस लोगों को इन्होंने अवैध रूप से हिरासत में ले रखा है. कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने बेईमानी की है तो एफआईआर दर्ज करो, कार्रवाई करो. क्यों नहीं करते हैं? जानबूझकर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए, जबकि कांग्रेस ने जो नौकरियां दी थी. उस वक्त में जमकर हमने नौकरियों के लिए अवसर प्रदान किए थे. पेपर लीक अगर हो गया मान लो तो हम ने तुरन्त कार्रवाई की, बिना देरी के हमने पेपर को ही हमने रद्द किया. एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करते? एफआईआर दर्ज करें, कार्रवाई करें और बताएं कि भाई एफआईआर क्यों दर्ज की. पब्लिक को बताएं छिपा क्यों रहे हैं लोग? राजस्थान से नीट का पेपर आउट होना यह इनके लिए शर्म बात नहीं है क्या? ये खुद मान रहे हैं. एसओजी वाला मान रहे हैं.
PM मोदी की अपील पर भी गहलोत
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसी बातें कहनी है तो फिर देश के पूरे हालात क्या हैं और क्यों कहना पड़ा वो तमाम बातें देशवासियों के सामने स्पष्ट होनी चाहिए. खाली उन्होंने कह दिया कि सोना मत खरीदो या विदेश मत जाओ, उसकी आलोचना भी बहुत हो रही है और मीडिया वाले आलोचना कर रहे हैं. मेरा मानना है कि राहुल गांधी ने जैसा कहा उनको गंभीरता से लेना चाहिए, वो नेता प्रतिपक्ष हैं और वो कहते हैं सोच समझ के कहते हैं बात और जिस प्रकार उन्होंने एकदम या तो उनको अभी दरें बढ़ानी होगी उसकी हवा बना रहे होंगे, ज्यादा संभावना यही लगती है जो राहुल गांधी ने बहुत पहले ही कह दिया था कि चुनाव समाप्त होते ही दरें बढ़ सकती है भूमिका बांधी है प्रधानमंत्री ने और उस रूप में देखता हूं उसको, बाकी मालूम पड़ जाएगा क्या स्थिति बनती है तो स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
“ईमानदारी से जांच करवाओ”
इसके अलावा पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें पांच बजे सुबह उठा के ले आए, वो भाग रहा था क्या? ईडी ने बुलाया उनको ईडी का वहां गए, दो तीन दिन उनसे पूछताछ की, अरेस्ट कर लिया. ये बुला लेते, बात करते, बात तो करते कम से कम , उनके बयान लेते, आप तुरन्त इस प्रकार से धमकाओगे, डराओगे तो यह नहीं भूलना चाहिए कि ये लोग सत्ता में कोई परमानेंट नहीं रहने वाले. इनको गलतफहमी है.कोई भ्रष्ट है,कांग्रेस राज में करप्शन किया है, आप कार्रवाई करो, सजा सुनिश्चित करो, हमें कोई ऐतराज़ नहीं है, कोई हो, भले कोई भी किसी के कितने भी नजदीक हो. आप तो पता कीजिए भाई कौन करप्शन किया है. कहां किया है, ईमानदारी से जांच करवाओ. उसके बाद में आप कार्रवाई करो, सजा मिले सुनिश्चित करो. सब कुछ करो, हमें कोई ऐतराज़ नहीं है. अगर आपने गलत तरीके से कार्रवाई की तो कल सत्ता इनकी भी नहीं रहने वाली. अधिकारी यही है. आज अधिकारी इनके कहने से काम कर रहे हैं. दबाव में काम कर रहे हैं. एसीबी तो पूरे दबाव में है. एसीबी डायरेक्टर, वो क्या है? डीजी साहब, मैं उनको भी कहना चाहूंगा कि यह आपका तरीका गलत है पूरी तरह डीजी साहब खुद दबाव में हैं. ऊपर से मैसेज आते हैं.



