Ashok Gehlot : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जयपुर स्थित आवास पर शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उलेमाओं, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों और कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से जुड़ी मुस्लिम समाज की चिंताओं सहित पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
UCC को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने रखीं चिंताएं
प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित UCC बिल को लेकर मुस्लिम समाज की आशंकाओं और चिंताओं से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अवगत कराया। उलेमाओं और समाज के प्रतिनिधियों ने संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए मांग की कि कानून से जुड़े किसी भी फैसले में सभी समुदायों की भावनाओं और अधिकारों का ध्यान रखा जाए। बैठक का संयोजन राजस्थान जमीयत उलमा-ए-हिन्द के प्रदेश महासचिव मौलाना अब्दुल वाहिद खत्री ने किया।
मस्जिद, दरगाह और मदरसों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों को हटाए जाने से जुड़े मामलों को भी गहलोत के सामने रखा। प्रतिनिधियों ने इन कार्रवाइयों को लेकर समाज की आशंकाओं, भावनाओं और मांगों की जानकारी दी तथा इन मामलों में उचित हस्तक्षेप की मांग की।
“समाज की चिंताओं को उचित मंच तक पहुंचाएंगे”
अशोक गहलोत ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुना और कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों के सम्मान तथा अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाए गए विषयों पर पार्टी स्तर पर भी चर्चा की जाएगी और समाज की चिंताओं को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। गहलोत ने संविधान की रक्षा, धार्मिक सद्भाव और सभी वर्गों के अधिकारों की आवाज उठाने को कांग्रेस की प्रतिबद्धता बताया।
कई विधायक और कांग्रेस नेता रहे मौजूद
बैठक में अल्पसंख्यक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एम.डी. चोपदार, विधायक जाकिर गैसावत, विधायक रफीक खान, विधायक अमीन कागजी और बाड़मेर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान मौजूद रहे। इसके अलावा जमीयत उलमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कारी मोहम्मद अमीन, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हबीबुल्लाह कासमी, प्रदेश उपाध्यक्ष हाफिज मंजूर अली खान, मौलाना यूनुस कासमी सहित प्रदेश के 27 जिलों के जिलाध्यक्ष, उलेमा, कांग्रेस नेता और मुस्लिम समाज के कई प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
संविधान और अधिकारों की रक्षा पर रहा जोर
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और प्रत्येक वर्ग की आवाज को उचित मंच तक पहुंचाना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि UCC सहित अन्य मुद्दों पर उनकी चिंताओं को राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा।
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