SMS Medical College : राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज में राजस्थान नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग के दौरान कथित अनधिकृत गतिविधियों का मामला सामने आया है। इस मामले में मेडिपीडिया ओवरसीज एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके संबंधित प्रतिनिधियों के खिलाफ एसएमएस अस्पताल थाने में शिकायत दी गई है। स्टेट नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बोर्ड ने संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
काउंसलिंग स्थल पर निजी सेवाओं के प्रचार का आरोप
शिकायत के अनुसार, मेडिपीडिया ओवरसीज एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के काउंसलिंग स्थल और शैक्षणिक परिसर में प्रवेश कर विद्यार्थियों को निजी काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रतिनिधियों ने अपनी सेवाओं का प्रचार इस तरह किया, जिससे विद्यार्थियों को उनके आधिकारिक काउंसलिंग व्यवस्था से जुड़े होने का आभास हो सकता था। बोर्ड का कहना है कि कंपनी की ओर से संस्थान के साथ संबंधों को लेकर की गई कथित प्रस्तुति भ्रामक हो सकती है। इससे विद्यार्थियों के बीच अधिकृत प्रवेश प्रक्रिया और निजी सेवाओं को लेकर भ्रम पैदा होने की आशंका है।
विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका
काउंसलिंग बोर्ड ने शिकायत में आशंका जताई है कि इस तरह की अनधिकृत गतिविधियों से मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। निजी एजेंसी के दावों को आधिकारिक मानकर विद्यार्थी गलत जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक या अन्य नुकसान होने की आशंका है।
सोशल मीडिया प्रचार के डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे
मामले को गंभीरता से लेते हुए काउंसलिंग बोर्ड ने कंपनी से संबंधित सोशल मीडिया प्रचार सामग्री, तस्वीरें और अन्य डिजिटल साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इन सामग्रियों में मेडिकल कॉलेज परिसर में कंपनी की कथित गतिविधियों के प्रचार और नीट यूजी काउंसलिंग से संबंधित सेवाएं देने के दावे शामिल बताए गए हैं। बोर्ड ने पुलिस से इन साक्ष्यों की जांच करने और संबंधित प्रतिनिधियों की भूमिका स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
16 अक्टूबर को शिकायत, कानूनी कार्रवाई की मांग
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को स्टेट नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से एसएमएस अस्पताल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में कंपनी और उसके संबंधित प्रतिनिधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, कंपनी और संबंधित प्रतिनिधियों पर लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
विद्यार्थियों से अपील—केवल आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा
इस मामले के सामने आने के बाद विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे राजस्थान नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग से संबंधित जानकारी केवल अधिकृत काउंसलिंग बोर्ड और सरकारी संस्थानों के आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करें। किसी भी निजी एजेंसी या प्रतिनिधि की सेवाएं लेने से पहले उसकी अधिकृत स्थिति, संस्थान से संबद्धता और किए जा रहे दावों की जांच जरूर करें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की धोखाधड़ी या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
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