Abdul Rahman: नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल सुपरिटेंडेंट हरेंद्र सिंह और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ सिक्योरिटी सचिन कौशिक को निलंबित कर दिया है। इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।सरकार ने गुरुवार को दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। इससे पहले बुधवार को जेल महानिदेशक (DGP जेल) आलोक मित्तल ने नीमका जेल का दौरा कर पूरे मामले की जांच की थी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
DGP जेल ने किया निरीक्षण, कैदियों और स्टाफ से पूछताछ…
बुधवार को DGP (जेल) आलोक मित्तल ने नीमका जेल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने:
. जेल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की
. जेल स्टाफ से पूछताछ की
. कैदियों के बयान दर्ज किए
.सीसीटीवी फुटेज और बैरक की स्थिति का जायजा लिया
जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
कैसे हुई आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या?
रविवार रात नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की बैरक के अंदर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जाट पर लगी है।
आरोपी अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देवनियां का रहने वाला है। वह पहले भी हत्या जैसे संगीन अपराधों में शामिल रह चुका है।
कौन था आतंकी अब्दुल रहमान?
मृत आतंकी अब्दुल रहमान अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा हुआ था और कुख्यात आतंकी अबू सुफियान के संपर्क में था। उसे 2 मार्च 2025 को ATS गुजरात और हरियाणा STF की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई थी। इसके बाद से वह नीमका जेल में बंद था।
गैंगस्टर अरुण चौधरी का आपराधिक इतिहास
जेल में हत्या करने वाला आरोपी गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जाट जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है| उसका नाम दिसंबर 2023 में सांबा जिले के अक्षय शर्मा की हत्या के मामले में सामने आया था। इसके बाद उसे अक्टूबर 2024 में कठुआ जेल से नीमका जेल फरीदाबाद ट्रांसफर किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अरुण चौधरी पर कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जेल सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हत्या की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि हाई सिक्योरिटी जेल में हथियार कैसे पहुंचे?
- आतंकी और गैंगस्टर को एक ही बैरक या इलाके में क्यों रखा गया?
- .निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
- .इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।



