Congress Protest: राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान आज जयपुर में कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेलकूद प्रकोष्ठ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा योजना के नाम बदलने, खेल कोटे में नौकरियां खत्म करने, खिलाड़ियों के साथ कथित भेदभाव, खेल सुविधाओं की कमी और नशामुक्त राजस्थान जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा।
प्रदर्शन की शुरुआत
प्रदर्शन 22 गोदाम स्थित सहकार भवन से शुरु हुई, जहां कांग्रेस खेलकूद प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान के नेतृत्व में कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। यहां से रैली निकालकर विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। स्थिति उग्र होने पर पुलिस ने वाटर कैनन और लाठियों का इस्तेमाल किया, जिससे प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए।
12 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को चोट आई
अमीन पठान ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रदर्शन में 12 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को चोट आई है।पुलिस ने बर्बरता पूर्वक वॉटर कैनन और लाठियां चलाईं। हम डरने वाले नहीं हैं। पुलिस गोलियां चलाएगी तो भी हम युवाओं और खिलाड़ियों की आवाज उठाते रहेंगे। जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा!”प्रदर्शन में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित दर्जनों वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सैकड़ों युवा कार्यकर्ता व खिलाड़ी शामिल हुए।
डोटासरा का बीजेपी पर निशाना
डोटासरा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विषय उठा रही है, जबकि कांग्रेस के खेलकूद प्रकोष्ठ ने सभी प्रकोष्ठों में नंबर-वन काम किया है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि बीजेपी सरकार खेल क्षेत्र में समान अवसर नहीं दे रही, खेल कोटे को खत्म कर रही है, मनरेगा जैसी योजनाओं के नाम बदलकर उनके उद्देश्यों को कमजोर कर रही है और नशे की समस्या पर प्रभावी कदम नहीं उठा रही। विधानसभा के अंदर कांग्रेस विधायकों ने गौ-हत्या और संबंधित मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि बाहर सड़कों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और हाईवोल्टेज ड्रामा चला।कांग्रेस ने इसे “मनरेगा बचाओ, खेल बचाओ – नशा मुक्त राजस्थान” के संकल्प के तहत ऐतिहासिक घेराव बताया है। अमीन पठान ने पहले ही 17 फरवरी को इसकी घोषणा कर दी थी। यह प्रदर्शन राजस्थान की राजनीति में युवा और खेल से जुड़े मुद्दों को फिर से गरमा सकता है।



