Kissan Protest : सीकर हाईवे पर रींगस और गोविंदगढ़ के बीच तातेड़ा मोड़ पर सोमवार को किसानों ने ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में करीब 500 ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में किसान पहुंचे, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।
तीन दिशाओं से पहुंचे ट्रैक्टर, प्रशासन के बढ़े हाथ-पांव
आंदोलन के दौरान ट्रैक्टरों का काफिला तीन अलग-अलग दिशाओं से तातेड़ा मोड़ पहुंचा। किसानों के भारी जमावड़े को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। उपखंड अधिकारी चौमूं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश एवं नीरज पाठक, तहसीलदार चौमूं, उपाधीक्षक गोविंदगढ़, उपाधीक्षक चौमूं सहित सैकड़ों पुलिसकर्मी सुबह 11 बजे से ही मौके पर तैनात रहे। करीब तीन किलोमीटर के दायरे में किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने ट्रैक्टरों को व्यवस्थित पंक्तियों में खड़ा कर आंदोलन को नियंत्रित रखा।
कई जिलों के किसानों ने किया समर्थन
इस आंदोलन में टोंक, अजमेर, फुलेरा, दूदू, श्रीमाधोपुर, कोटपूतली, चौमूं सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने भाग लेकर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में एकजुटता दिखाई।
कलेक्टर और एसपी ने किसान प्रतिनिधियों से की वार्ता
आंदोलन के दौरान जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक और पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने गोविंदगढ़ स्थित उपाधीक्षक कार्यालय में किसान प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि 7 दिनों के भीतर राजस्थान सरकार के साथ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को लेकर वार्ता आयोजित कराई जाएगी। जिला कलेक्टर ने स्वयं किसान नेता रामपाल जाट को बैठक की तिथि, समय और स्थान की जानकारी देने की जिम्मेदारी भी ली।
मोबाइल के जरिए किसानों को किया संबोधित
वार्ता के बाद जिला कलेक्टर ने मोबाइल फोन के माध्यम से आंदोलन स्थल पर मौजूद किसानों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने किसानों से आंदोलन स्थगित कर ट्रैक्टर वापस ले जाने की अपील की। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी किसानों के बीच मौजूद रहे और उन्होंने भी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन स्थगित करने का आग्रह किया।
फिलहाल आंदोलन स्थगित, सरकार से वार्ता का इंतजार
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया। अब किसानों की नजर अगले सात दिनों में प्रस्तावित सरकार-किसान वार्ता पर टिकी है, जिसमें ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर आगे की रणनीति तय होने की संभावना है।
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