Amritsar (Punjab) : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि, केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटा दिया है, लेकिन फिर भी जम्मू-कश्मीर के हालात नहीं सुधरे हैं. हिंसा, आतंकवाद और बेरोजगारी में कोई बदलाव नहीं आया है. आतंकवाद का पूरे राज्य में पर्यटन पर बड़ा असर पड़ा है. पहलगाम हमले और उसके बाद दिल्ली में हुए ब्लास्ट में बेगुनाहों की जान जाने का असर जम्मू-कश्मीर के पर्यटन पर पड़ रहा है. पर्यटन धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है.
उमर अब्दुल्ला ने पंजाब के दौरे पर अमृतसर में एक खास प्रोग्राम में हिस्सा लिया. यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने अमृतसर के बारे में बहुत सुना है लेकिन आज मुझे पहली बार अमृतसर आने का मौका मिला. मैंने सुना था कि अमृतसर का पानी बहुत खास है, आज मुझे भी उसे पीने का मौका मिला.
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, केंद्र सरकार मनरेगा स्कीम में कई बदलाव कर रही है और नाम बदला जा रहा है. महात्मा गांधी का नाम हटाकर जी राम जी करना भी गलत है. अब राज्यों को पैसे का मैनेजमेंट खुद करना है, जिसका बोझ केंद्र ने डाल दिया है. इसलिए इन दोनों बातों को लेकर हमारी आपत्ति है.
यह भी पढ़ें : ईरान सरकार की दमन नीति शुरु, विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर गोलाबारी के निर्देश, 217 की मौत
लद्दाख का जहाज डूब चुका अब जेके को डुबोने की तैयारी
मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अलग राज्य बनाने की कोशिश हो रही है. केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर का जहाज डुबोना चाहती है. लद्दाख का जहाज पहले ही डूब चुका है. अब जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स का चलन बढ़ गया है. जम्मू-कश्मीर में अब ड्रग्स एक बड़ी समस्या बन गई है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के बंद होने पर दुख जताया, जो जम्मू-कश्मीर का एकमात्र मेडिकल कॉलेज था. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच रिश्ते अच्छे हैं. यहां जो भी सरकार बने, व्यक्तिगत और राजनीतिक तौर पर उसके रिश्ते अच्छे हैं.
यह भी देखें : किस पार्टी का हाथ थामेंगे नरेश मीणा? 2028 से पहले खुद किया बड़ा खुलासा



