Rajasthan State Big News: राजधानी जयपुर में एक दिलचस्प मामले में लोगों में चर्चा रही कि जिस जनप्रतिनिधी ने अपने क्षेत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्व मुहिम चलाई आज उसी को करोडों रुपये का सरकारी फंड हडपने के मामले में कोर्ट के सामने पेश िकिया गया है मामला बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव से जुडा है जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को जयपुर स्थित विशिष्ट न्यायालय सीबीआई संख्या तीन में पेश किया। कोर्ट ने यादव को तीन दिन के रिमांड पर ED को सौंप दिया है। अब अगली पेशी 7 फरवरी को होगी।
मंगलवार रात गिरफ्तारी के बाद बुधवार को जब ED के अधिकारी बलजीत यादव को कोर्ट लाए तब आरोपी बलजीत यादव ने कहा कि, मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जसवंत यादव (बहरोड़ विधायक) अपने मंदबुद्धि बेटे को विधायक बनाना चाहता है और खुद स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।
क्षेत्र विकास निधि से करोड़ों के गबन का आरोप
पूर्व विधायक पर स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप है।ED ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (च्डस्।) के तहत की है।
ED ने मंगलवार रात अलवर के शाहजहांपुर टोल प्लाजा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मंगलवार रात पूर्व विधायक बलजीत यादव को हिरासत में लिया था। इसके बाद पूछताछ के लिए जयपुर स्थित ED ऑफिस लाया गया था। यहां पूछताछ के बाद बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया था।
खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाला नेता
दिलचस्प बात यह है कि बलजीत यादव , जब बहरोड़ से निर्दलीय विधायक थे। तब उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
इसके अलावा उन्होंने अपने क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को 51 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की थी। अब वहीं बलजीत यादव खुद करोड़ों रुपये के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में ईडी की गिरफ्त में हैं।
कोर्ट में वकीलों का तर्क
बलजीत यादव के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि जिस फर्म के पास पैसे आने की बात कही जा रही है। उस व्यक्ति से बलजीत यादव का संपत्ति विवाद पहले से है। टेंडर अखबार में प्रकाशित करवाए गए थे।
पंचायत समिति की ओर से टेंडर प्रकाशित करवाए गए, उसमें बलजीत का कोई लेना-देना नहीं है। ईडी के दावे पूरी तरह से गलत है। वकीलों ने यहां तक कहा कि ‘अगर बलजीत यादव भाजपा जॉइन करता तो कार्रवाई नही होती।’
हमने हर जवाब में ईडी को लिखा था, जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा वे आएंगे, उसके बावजूद बलजीत यादव इस तरह गिरफ्तार किया गया, जो इलीगल है। वकीलों ने रिमांड का विरोध किया।
ED ने 6 दिन का रिमांड मांगा
ईडी के वकीलों ने आरोप लगाया कि बलजीत ने खुद फर्जी फर्म बनवाकर फंड डायवर्ट किया। ईडी ने मामले में आगे पूछताछ के लिए 6 दिन का रिमांड मांगा।
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ED जांच में ये आया था सामने
जयपुर, दौसा और बहरोड़ में मिले थे सबूत
ED सूत्रों के अनुसार- जनवरी 2025 में जयपुर, दौसा और बहरोड़ में बलजीत यादव के कुल 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इनमें जयपुर में 8 और दौसा व बहरोड़ में एक-एक ठिकाने शामिल थे। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए थे, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई।
सरकारी स्कूलों के लिए स्पोर्ट्स किट के नाम पर पैसा हड़पा
साल 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। इनकी खरीद के नाम पर विधायक निधि से करीब 3.72 करोड़ रुपए खर्च किए गए। आरोप है कि इस राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया और कई मामलों में बिना आपूर्ति या घटिया सामग्री के भुगतान किया गया।
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मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से पहले ही एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की। जांच में फर्जी बिलिंग, ठेकेदारों से मिलीभगत और सरकारी धन के गबन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।



