Shaktipeeth : उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित उमा शक्तिपीठ (कात्यायनी पीठ) के बारे में कितने लोग जानते हैं। यह हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में अत्यंत पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंगों को अलग किया। जहां-जहां माता सती के अंग, आभूषण या केश गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई। मान्यता है कि वृंदावन के इस पवित्र स्थान पर माता सती के केश (बाल) या चूड़ामणि गिरे थे। यही कारण है कि यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।
उमा शक्तिपीठ (कात्यायनी पीठ) का इतिहास
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव का अपमान होने पर माता सती ने अग्नि में अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद भगवान शिव शोक में सती के शरीर को लेकर ब्रह्मांड में विचरण करने लगे। तब सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के टुकड़े किए। वृंदावन में जहां माता के केश या चूड़ामणि गिरे, वहां उमा शक्तिपीठ, जिसे कात्यायनी पीठ भी कहा जाता है, यहां माता की शक्ति उमा या कात्यायनी के रूप में पूजी जाती हैं, जबकि उनके रक्षक भैरव का स्वरूप भी विशेष महत्व रखता है।
धार्मिक महत्व
वृंदावन का यह शक्तिपीठ शक्ति और भक्ति का अद्भुत संगम माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से माता कात्यायनी की पूजा करने पर विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रीमद्भागवत के अनुसार, वृंदावन की गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए माता कात्यायनी की आराधना की थी। यही कारण है कि यह मंदिर विवाह योग्य युवाओं और भक्तों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। नवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
कैसे पहुंचे मंदिर
अगर आप बस या अपनी गाड़ी से मंदिर आ रहे हैं तो वृंदावन दिल्ली, आगरा, मथुरा और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। वहीं अगर आप रेल से आ रहे हैं तो सबसे पाल रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है, जो मंदिर से लगभग 12दृ15 किलोमीटर दूर स्थित है। वहीं सबसे पास हवाई अड्डा आगरा और दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां से सड़क मार्ग द्वारा वृंदावन पहुंचा जा सकता है।
यह भी पढ़ें: राजस्थान का एक अनोखा मंदिर, जहां प्रसाद में मिलता है नमक! क्या है मान्यता?
यह भी देखें –Delhi: जंतर-मंतर पर छात्रों का महासंग्राम! हजारों छात्र सड़कों पर | केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी



