Ganesh Chaturthi : गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पहले यह महाराष्ट्र राज्य में मनाया जाता था लेकिन अब पूरे देश में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मध्याह्न काल में हुआ था। इस दिन विभिन्न राज्यों के अलावा राजस्थान में भी भक्त विधि-विधान से गणपति बप्पा की दस दिनों तक स्थापना कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
कब मनाते हैं गणेश चतुर्थी
बता दें कि गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला 10 दिवसीय गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक चलता है। इन 10 दिनों तक घरों और पंडालों में गणपति की भक्ति, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का माहौल बना रहता है। मान्यता है कि भगवान गणेश अपने भक्तों के जीवन से विघ्न दूर कर सुख, समृद्धि और शुभता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
गणेश चतुर्थी 2026 की तारीख
पंचांग के अनुसार, भाद्रपाद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 7 मिनट पर होगा। चतुर्थी तिथि का अंत 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 43 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। वहीं 14 सितंबर से ही 10 दिवसीय गणेश उत्सव का आरंभ हो जाएगा, जो कि अनंत चतुर्दशी तक चलेगा।
गणेश चतुर्थी 2026 गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न काल का सबसे उत्तम मुहूर्त 14 सिंतबर को सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 1 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भक्तगण भगवान गणेश की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ अपने घर में स्थापित कर सकते हैं।
गणेश चतुर्थी पर बन रहे ये शुभ योग
पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। आपको बता दें कि इस दिन रवि योग, इंद्र योग और ब्रह्म योग बन रहे हैं, इन योगों में गणेश भगवान की पूजा करने का दोगुना फल प्राप्त होता है।
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