Vaastu Tips: किचन घर का वह स्थान है जहां भोजन तैयार होता है, जो सीधे परिवार के स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि से जुड़ा होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में हर वस्तु की दिशा और स्थान घर की समग्र ऊर्जा को प्रभावित करता है। इनमें से एक प्रमुख तत्व है किचन सिंक, जो जल तत्व का प्रतीक माना जाता है। सिंक की सही दिशा में स्थापना घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाती है, जबकि गलत दिशा में रखना विभिन्न समस्याओं को न्योता दे सकता है।
किचन सिंक की सबसे शुभ दिशा
- इस दिशा में सिंक लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
- इससे परिवार में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
- सिंक इस तरह लगाएं कि बर्तन धोते समय व्यक्ति का मुख उत्तर दिशा की ओर रहे। यह स्थिति विशेष रूप से शुभ होती है और घर में खुशहाली लाती है।
यदि ईशान कोण उपलब्ध न हो, तो उत्तर या पूर्व दिशा में भी सिंक रखना अच्छा माना जाता है।
सिंक लगाने से बचनी चाहिए ये दिशाएं
- दक्षिण-पश्चिम दिशा में सिंक रखना अशुभ माना जाता है। इससे परिवार में तनाव, आपसी मतभेद और आर्थिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व में सिंक रखने से भी आर्थिक नुकसान या मानसिक अशांति हो सकती है (हालांकि मुख्य फोकस दक्षिण-पश्चिम पर रहता है)।
गैस चूल्हे और सिंक के बीच दूरी रखें
- दोनों को बहुत पास रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है, जिसका असर परिवार की शांति और स्वास्थ्य पर पड़ता है।
- सिंक और चूल्हे के बीच कम से कम 2-4 फीट की दूरी रखें। यदि संभव न हो, तो बीच में कोई विभाजक या अलग रंग का उपयोग करके ऊर्जा संतुलन बनाए रखें।
सिंक के नीचे डस्टबिन या कचरा न रखें
- सिंक के ठीक नीचे डस्टबिन रखना वास्तु दोष पैदा करता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- डस्टबिन को किचन के किसी अलग कोने में, ढककर रखें।
अतिरिक्त वास्तु टिप्स किचन सिंक के लिए
- सिंक में पानी टपकने न दें; लीकेज से धन हानि का योग बन सकता है।
- रात में सिंक को गंदा छोड़कर न सोएं; बर्तन धोकर साफ रखें।
- सिंक के आसपास हल्के रंग (जैसे सफेद, हल्का नीला) का उपयोग करें, जो जल तत्व को मजबूत करते हैं।
इन सरल वास्तु नियमों का पालन करके आप अपने किचन को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना सकते हैं, जिससे घर में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। यदि आपका किचन इन नियमों से मेल नहीं खाता, तो वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेकर उपाय अपनाएं।



