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देवशयनी एकादशी 2026: चातुर्मास शुरू होते ही 4 राशियों की बदल सकती है तकदीर, बनेंगे नौकरी, धन और सुख-समृद्धि के योग

Devshayani Ekadashi 2026

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास की शुरुआत होती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी भगवान शिव संभालते हैं. धार्मिक महत्व के साथ-साथ ज्योतिष के अनुसार यह समय कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है. आइए जानते हैं किन चार राशियों का भाग्य चातुर्मास में चमक सकता है।

मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय उन्नति और आर्थिक लाभ का संकेत दे रहा है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापार में लाभ के नए अवसर बनेंगे और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना रहेगी. परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी और सामाजिक सम्मान में वृद्धि हो सकती है.

सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि वालों पर भगवान विष्णु और भगवान शिव की विशेष कृपा रहने की संभावना है. नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा. कार्यस्थल पर प्रशंसा मिलेगी और पैतृक संपत्ति से लाभ के योग बन सकते हैं. निवेश के लिए भी यह समय शुभ माना जा रहा है. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफलता मिलेगी.

तुला राशि (Libra)
तुला राशि के लिए चातुर्मास नई खुशियां लेकर आ सकता है. भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं. दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं. स्वास्थ्य में सुधार होगा तथा पुरानी बीमारियों से राहत मिलने की संभावना है. जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी.

धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि वालों के लिए यह अवधि भाग्य का पूरा साथ लेकर आ सकती है. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आय के नए स्रोत बन सकते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत बढ़ेगी. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी तथा किसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा.

हिंदू पंचांग के अनुसार देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का शुभारंभ होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं. इस अवधि में भगवान शिव सृष्टि के संचालन का दायित्व संभालते हैं. इसी कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य चातुर्मास में वर्जित माने जाते हैं.

यह भी पढ़ें: योगिनी एकादशी बन रहा है शुभ योग, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त, कैसे करें पूजा?

 

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