Christmas 2025 का पर्व आज पूरी दुनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह दिन ईसाई समुदाय के लिए बेहद पावन माना जाता है, क्योंकि इसी दिन प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ था। दुनिया के लगभग हर कोने में चर्च रोशनी से सजे हुए हैं, प्रार्थनाओं की गूंज है और लोग प्रेम, शांति व भाईचारे का संदेश दे रहे हैं।
आज क्रिसमस केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं रहा, बल्कि यह मानवता, करुणा और सौहार्द का प्रतीक बन चुका है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि दुनिया में सबसे ज्यादा ईसाई किस देश में रहते हैं और भारत में उनकी संख्या कितनी है।
दुनिया में सबसे ज्यादा ईसाई किस देश में हैं?
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और 2025 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) दुनिया का ऐसा देश है जहां सबसे अधिक ईसाई आबादी रहती है।
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संयुक्त राज्य अमेरिका: यहां ईसाई आबादी की संख्या करीब 22 करोड़ से 23 करोड़ के बीच मानी जाती है।
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ब्राजील: दूसरे स्थान पर ब्राजील है, जहां लगभग 17 करोड़ से 18.5 करोड़ ईसाई रहते हैं।
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मेक्सिको: तीसरे स्थान पर मेक्सिको है, जहां ईसाइयों की संख्या करीब 12 करोड़ के आसपास बताई जाती है।
इन देशों में क्रिसमस को राष्ट्रीय स्तर पर बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
भारत में कितनी है ईसाई आबादी?
भारत में ईसाई समुदाय एक महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक समुदाय है।
2011 की जनगणना के अनुसार, देश में ईसाइयों की संख्या लगभग 2.78 करोड़ थी, जो कुल आबादी का करीब 2.3 प्रतिशत है।
हालांकि, 2025 के ताजा अनुमानों के मुताबिक, भारत में ईसाई आबादी बढ़कर करीब 3.3 से 3.4 करोड़ के बीच पहुंच चुकी है।
भारत में ईसाई आबादी मुख्य रूप से इन राज्यों में अधिक है:
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केरल
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गोवा
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तमिलनाडु
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नागालैंड
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मिजोरम
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मेघालय
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मणिपुर
खासतौर पर उत्तर-पूर्वी राज्यों में ईसाई समुदाय बहुसंख्यक है और वहां क्रिसमस पारंपरिक उत्सव की तरह मनाया जाता है।
भारत में भी क्रिसमस का खास उत्साह
भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में क्रिसमस को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। चर्चों को रंग-बिरंगी लाइट्स से सजाया जाता है, बाजारों में केक, क्रिसमस ट्री और सांता क्लॉज से जुड़ी वस्तुओं की खूब बिक्री होती है। स्कूलों और चर्चों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें प्रभु यीशु के जीवन और उनके संदेशों को दर्शाया जाता है।
प्रेम और शांति का पर्व है क्रिसमस
क्रिसमस का असली संदेश केवल उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, त्याग, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करता है। प्रभु यीशु मसीह के उपदेश आज भी लोगों को एक-दूसरे के प्रति दया, सम्मान और भाईचारे का मार्ग दिखाते हैं। यही कारण है कि क्रिसमस पूरी दुनिया को जोड़ने वाला पर्व बन चुका है।



