Womens Health- महिलाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में कई तरह के हार्मोनल बदलावों से गुजरना पड़ता है। इन बदलावों का असर उनके शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है। बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतें भी बदलती रहती हैं।फिर भी भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी सेहत को लेकर नियमित जांच नहीं करातीं। अगर समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराया जाए तो कई गंभीर बीमारियों का पता शुरुआती स्टेज में ही चल सकता है और उनका इलाज भी आसान हो जाता है। इसीलिए महिलाओं को अपनी उम्र के हिसाब से कुछ जरूरी स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए।
20 की उम्र में महिलाओं को कौन-से हेल्थ चेकअप कराने चाहिए?
20 की उम्र को आमतौर पर स्वस्थ माना जाता है, लेकिन इसी समय से अच्छी हेल्थ हैबिट्स शुरू करना बहुत जरूरी होता है। इस उम्र में महिलाओं को हर साल ब्लड प्रेशर, वजन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) की जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही हीमोग्लोबिन, थायरॉयड और ब्लड शुगर की जांच के लिए समय-समय पर ब्लड टेस्ट भी करवाना जरूरी है। 21 साल की उम्र के बाद महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैप स्मीयर टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं या किसी संक्रमण की जांच के लिए समय-समय पर गायनेकोलॉजिस्ट से चेकअप करवाना चाहिए। । इस उम्र में पढ़ाई, करियर और रिश्तों की वजह से तनाव बढ़ सकता है इसलिए मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी जरूरी है।
30 की उम्र में कौन-सी हेल्थ जांच जरूरी है?
30 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते महिलाओं की जिम्मेदारियां बढ़ने लगती हैं। नौकरी, परिवार और बच्चों की देखभाल के कारण कई बार सेहत पर ध्यान नहीं दिया जाता। इस उम्र में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और थायरॉयड की नियमित जांच जारी रखनी चाहिए। पैप स्मीयर टेस्ट हर तीन साल में या डॉक्टर की सलाह के अनुसार कराना चाहिए। इस उम्र में ब्रेस्ट हेल्थ पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। महिलाओं को खुद ब्रेस्ट की जांच करना सीखना चाहिए ताकि किसी गांठ या बदलाव का जल्दी पता चल सके। जो महिलाएं गर्भधारण की योजना बना रही हैं उन्हें प्रेग्नेंसी से पहले हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए। इससे शरीर में पोषण की कमी, थायरॉयड या किसी संक्रमण की जानकारी पहले ही मिल सकती है।
40 की उम्र में कौन-सी जांच जरूरी हो जाती है?
40 साल के बाद डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। इसलिए इस उम्र में नियमित स्वास्थ्य जांच बहुत जरूरी हो जाती है। महिलाओं को ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की जांच समय-समय पर करानी चाहिए। इसके साथ ही थायरॉयड और विटामिन D की जांच भी जरूरी है क्योंकि हार्मोनल बदलाव हड्डियों और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं। इस उम्र में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मैमोग्राफी कराने की सलाह दी जाती है, खासकर अगर परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो। सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैप स्मीयर या HPV टेस्ट भी जारी रखना चाहिए। इसके अलावा आंखों और दांतों की नियमित जांच भी जरूरी है।
50 की उम्र में कौन-से हेल्थ टेस्ट जरूरी हैं?
50 साल की उम्र के बाद महिलाओं में आमतौर पर मेनोपॉज की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव हड्डियों, दिल और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं। इस उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बोन डेंसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।दिल को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच नियमित रूप से कराते रहना चाहिए। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए नियमित मैमोग्राम कराना जरूरी है। 50 साल के बाद डॉक्टर कोलोनोस्कोपी जैसी जांच की सलाह भी दे सकते हैं ताकि कोलन कैंसर का समय रहते पता लगाया जा सके।
60 की उम्र में महिलाओं को कौन-सी जांच करानी चाहिए?
60 साल की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। इस उम्र में महिलाओं को ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और बोन डेंसिटी की जांच कराते रहना चाहिए। इसके साथ ही आंखों और सुनने की क्षमता की जांच भी जरूरी है क्योंकि उम्र के साथ इन इंद्रियों पर असर पड़ सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और कोलन कैंसर की जांच भी जारी रखनी चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए इस उम्र में फ्लू और निमोनिया के टीके लगवाने की भी सलाह दी जाती है।
हर उम्र में सेहत का ध्यान रखना जरूरी
महिलाओं के जीवन का हर चरण खास होता है और हर उम्र में शरीर की जरूरतें भी अलग होती हैं। अगर सही समय पर हेल्थ चेकअप कराया जाए तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है। नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर महिलाएं लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकती हैं।



