Anemia: आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं अक्सर परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं. लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना या सांस फूलना जैसी समस्याएं सामान्य लग सकती हैं, लेकिन ये एनीमिया के संकेत भी हो सकते हैं. शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाली यह बीमारी महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है. समय रहते पहचान और सही खानपान से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है.
महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एनीमिया की समस्या
आजकल महिलाओं में एनीमिया की समस्या तेजी से बढ़ रही है. घर और नौकरी की दोहरी जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अक्सर अपने खानपान और स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं. इसका असर शरीर में खून की कमी के रूप में सामने आता है. मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, एनीमिया तब होता है जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है. इससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और व्यक्ति हमेशा थकान महसूस करता है.
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मासिक धर्म और गर्भावस्था बन रहे प्रमुख कारण
महिलाओं में एनीमिया का सबसे बड़ा कारण मासिक धर्म के दौरान होने वाला रक्तस्राव माना जाता है. जिन महिलाओं में ब्लीडिंग अधिक होती है, उनमें आयरन की कमी तेजी से बढ़ती है. इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के लिए अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है. यदि इस दौरान पर्याप्त आयरन और फोलिक एसिड नहीं मिले तो एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है. तेजी से वजन घटाने वाली डाइट भी शरीर को कमजोर बना सकती है.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
लगातार कमजोरी, चक्कर आना, सिर भारी रहना, सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना और जल्दी थक जाना एनीमिया के सामान्य लक्षण हैं. कई महिलाओं की त्वचा पीली पड़ने लगती है. होंठ और आंखों के अंदर का हिस्सा सफेद दिखाई देने लगता है. आयरन की कमी का असर बालों और नाखूनों पर भी पड़ता है, जिससे बाल झड़ने और नाखून टूटने लगते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक थकान या कमजोरी महसूस होने पर ब्लड टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. हरी सब्जियां, दालें, चुकंदर, अनार और आयरन युक्त भोजन एनीमिया से बचाव में मददगार हो सकते हैं.



