आंखें रगड़ने पर क्या होता है?
जब हम आंखें मलते हैं, तो आंखों के पीछे मौजूद संवेदनशील नसों पर दबाव पड़ता है। इससे दिमाग को सिग्नल जाता है और हमें कुछ देर के लिए आराम महसूस होता है।
- आंखों में आंसुओं का प्रवाह बढ़ सकता है
- सूखापन थोड़ी देर के लिए कम लगता है
- हल्का दबाव मसाज जैसा सुकून देता है
यही वजह है कि थकान या नींद आने पर आंखें रगड़ना अच्छा लगता है। लेकिन यह आराम अस्थायी होता है।
क्या वेगस नर्व का भी है संबंध?
आंखें मलने से वेगस नर्व (Vagus Nerve) उत्तेजित हो सकती है। यह नस हमारे शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है। इसकी सक्रियता से दिल की धड़कन थोड़ी धीमी हो सकती है, शरीर रिलैक्स महसूस करता है, तनाव कम होने जैसा अहसास होता है। इसी कारण कई बार आंखें रगड़ना मानसिक रूप से भी सुकून देता है।
बार-बार आंखें रगड़ने के नुकसान
1. नजर धुंधली हो सकती है लगातार आंखें मलने से कॉर्निया पतला होकर बाहर की ओर उभर सकता है। इससे विजन ब्लर हो सकता है।
2. संक्रमण का खतरा हमारे हाथों में मौजूद बैक्टीरिया आंखों में पहुंच सकते हैं। इससे कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना), लालिमा और दर्द हो सकता है।
3. एलर्जी बढ़ सकती है अगर आंखों में एलर्जी है, तो उन्हें रगड़ने से हिस्टामिन ज्यादा रिलीज होता है। इससे खुजली कम होने की बजाय और बढ़ सकती है।
क्या करें?
- आंखों को बार-बार न रगड़ें
- ठंडे पानी से हल्के से धो लें
- लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें (डॉक्टर की सलाह से)
- ज्यादा जलन, दर्द या धुंधलापन हो तो नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएं
आंखें रगड़ना उस समय भले ही राहत दे लेकिन लंबे समय में यह आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। सही देखभाल और सावधानी ही बेहतर उपाय है।
Disclaimer
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार की आंखों की समस्या होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



