Immunity : बरसाती मौसम में हवा में नमी और उमस बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। इसी वजह से मानसूनी मौसम में लोग जल्दी-जल्दी सर्दी, जुकाम, फ्लू और पेट के इन्फेक्शन के शिकार हो जाते हैं। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है उनके बीमार पड़ने के संभावना ज्यादा होती है। डॉक्टर इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार करने की सलाह देते हैं। बता दें कि कोई भी अकेला फूड इम्यूनिटी को बढ़ा नहीं सकता, लेकिन व्यक्ति के खानपान और उसकी इम्यूनिटी के बीच गहरा संबंध होता है। चिकित्सकों के मुताबिक इम्यून सिस्टम के बेहतर तरीके से काम करने के लिए संतुलित आहार जरूरी है, जिसमें विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल हों। जैसे विटामिन ए, बी विटामिन खासतौर पर विटामिन बी 1, बी 2, बी 3 और बी 12, विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन ई, जिंक,और सेलेनियम जैसे खनिज से भरपूर डाइट का सेवन करने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। कुछ फूड संक्रमण से लड़ने की क्षमता को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खट्टे फलों का सेवन
अगर आप इम्यूनिटी को मजबूत करना चाहते हैं तो खट्टे फलों का सेवन करें। जैसे संतरा, नींबू, मौसंबी, किन्नू और ग्रेपफ्रूट जैसे खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं। विटामिन सी संक्रमण से लड़ने वाली सफेद ब्लड कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। शरीर विटामिन सी का भंडारण नहीं करता, इसलिए इस विटामिन से भरपूर फूड्स का रोजाना सेवन जरूरी है। सबसे खास बात यह कि हमारी बॉडी खुद से विटामिन सी का निर्माण नहीं कर सकती इसे सिर्फ डाइट से ही हासिल किया जा सकता है।
लाल शिमला मिर्च भी है असरदार
माना जाता है कि लाल शिमला मिर्च विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है और इसमें संतरे से भी अधिक विटामिन सी पाया जाता है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन ए में बदल जाता है, जो स्किन और आंखों को हेल्दी रखने के साथ इम्यून सिस्टम को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।
ब्रोकली
ब्रोकली में विटामिन ए, सी और ई, फाइबर तथा कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। ब्रोकली को हल्का भाप में पकाकर या कम समय तक पकाकर खाने से इसके अधिकतर पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। ब्रोकली में ‘सल्फोराफेन’ नामक एक शक्तिशाली फाइटोकेमिकल पाया जाता है जो उम्र बढ़ने पर भी इम्यूनिटी को कमजोर नहीं होने देता। ब्रोकली को स्टीम देकर खाने से यह तत्व सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है।
लहसुन खाएं
आयुर्वेद के मुताबिक लहसुन को जब कुचला या काटा जाता है, तो उसमें एलिसिन’ नामक सल्फर यौगिक बनता है। एलिसिन सीधे तौर पर वायरस और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। यह नेचुरल किलर सेल्स को बूस्ट करता है, जो कैंसर कोशिकाओं और वायरस से संक्रमित सेल्स से लड़ती हैं। यह इम्यून सिस्टम को सक्रिय रखने के साथ दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लहसुन का सेवन हाई ब्लड प्रेशर और धमनियों में जमे फैट के जोखिम को कम करने में भी मददगार हो सकता है।
अदरक करेगी असर
अदरक का तीखापन और उसके औषधीय गुण ‘जिंजरोल’के कारण होते हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार जब शरीर किसी संक्रमण से लड़ता है, तो वहां अत्यधिक सूजन होती है। अदरक क्रोनिक इन्फ्लेमेशन को कम करता है और दर्द और सूजन बढ़ाने वाले केमिकल्स के स्राव को ब्लॉक कर देता है, जिससे गले की खराश और मांसपेशियों के दर्द में तुरंत राहत मिलती है।
पालक खाएं
आयुर्वेद के अनुसार पालक विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और कई एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जी है। ये पोषक तत्व संक्रमण से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाते हैं। पालक को हल्का पकाकर खाने से विटामिन ए का अवशोषण बेहतर होता है और इसमें मौजूद ऑक्सालिक एसिड का प्रभाव भी कम हो जाता है।
दही भी है असरदार
दही, विशेषकर ‘लाइव एंड एक्टिव कल्चर’ या ग्रीक योगर्ट, प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है। ये लाभकारी बैक्टीरिया आंतों के माइक्रोबायोम को हेल्दी रखते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है। बिना चीनी वाला दही खाने से फायदा होता है।
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