Chemotherapy: कई सालों के रिसर्च और क्लिनिकल अनुभव रखने वाले चिकित्सक यह कहते हैं कि कैंसर का इलाज कराने के बाद शरीर में आई कमजोरी की रिकवरी के लिए किए जा रहे इलाज का लक्ष्य सिर्फ वजन बढ़ाना नहीं, बल्कि खोई हुई ताकत, मांसपेशियां और पोषण को दोबारा हासिल करना होना चाहिए। कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान मरीज को कीमोथैरेपी दी जाती है। जिसके बाद मरीज को वजन घट जाता है। ऐसे में कई मरीज को कीमोथेरेपी के प्रभाव जैसे भूख न लगना, मतली, मुंह के छाले और थकान महसूस होती है। इसकी वजह से मरीज का वजन तेजी से घट जाता है। सही प्लानिंग और एक्सपर्ट की गाइडेंस के साथ यह पूरी तरह संभव है, कि कीमोथैरेपी के बाद व्यक्ति अपनी को रिकवर करने में मदद कर पाए। लेकिन उससे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर कीमोथेरेपी के बाद व्यक्ति का वजन कम क्यों हो जाता है।
कीमोथेरेपी के बाद वजन क्यों कम होता है?
विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार “इलाज के दौरान भूख कम लगना, स्वाद और गंध में बदलाव, पाचन संबंधी समस्याएं और मांसपेशियों का नुकसान यानी कैचेक्सिया वजन घटने के प्रमुख कारण हैं। इन कारणों को समझकर ही प्रभावी पोषण योजना बनाई जा सकती है।” कैसे? आइए जानते हैं।
दिन में 5 से 6 बार थोड़ा थोड़ा खाएं
एक बार में ज्यादा खाना कठिन हो सकता है। इसलिए दिन में 5 से 6 बार छोटी मात्रा में पौष्टिक भोजन लें। इससे पाचन पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और शरीर को नियमित रूप से ऊर्जा मिलती रहती है।
हर भोजन में प्रोटीन जरूर शामिल करें
प्रोटीन मांसपेशियों को रीबिल्ड करने के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है। अंडा, पनीर, दाल, चिकन, मछली और दही को भोजन का हिस्सा बनाएं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करता है।
कैलोरी का हेल्दी इनटेक बढ़ाएं
पीनट बटर, ड्राई फ्रूट्स, घी, एवोकाडो और हेल्दी स्मूदी कैलोरी के बेहतरीन स्रोत हैं। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करके पोषण से समझौता किए बिना कैलोरी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
भूख कम हो तो लीक्विड का सहारा लें
जब हार्ड फूड खाना संभव न हो, तो स्मूदी, सूप और हाई प्रोटीन शेक बेहद उपयोगी होते हैं। डॉक्टर की सलाह पर न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें
हाइड्रेशन रिकवरी में अहम भूमिका निभाता है। खाने के बीच में पानी पिएं ताकि भूख प्रभावित न हो। नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट रिच ड्रिंक्स भी लाभकारी हैं।
लाइट फिजिकल एक्टिविटी को डेली रूटीन में शामिल करें
धीरे धीरे टहलना और हल्के व्यायाम मांसपेशियों के निर्माण में सहायक होते हैं। यह शरीर की ताकत और संरचना को वापस लाने में मदद करता है।
डाइटीशियन से जल्द से जल्द परामर्श लें
डॉक्टर बताते हैं कि ट्रीटमेंट शुरू होते ही किसी कैंसर विशेषज्ञ डाइटीशियन से सलाह लेना जरूरी है। जितनी जल्दी व्यक्तिगत पोषण योजना बनाई जाए, रिकवरी उतनी बेहतर होती है।
डॉक्टर बोले- इन गलतियों से बचें
-जंक फूड या अत्यधिक मीठे पदार्थों से वजन बढ़ाने की कोशिश करना
-भूख न लगने पर भोजन पूरी तरह छोड़ देना
-सिर्फ सप्लीमेंट्स पर डिपेंड रहना और बैलेंस डाइट को नजरअंदाज करना
-बिना एक्सपर्ट की सलाह के डाइट में बड़े बदलाव करना
-डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें अगर
-वजन लगातार घटता जा रहा हो
-गंभीर उल्टी या दस्त बंद न हो रहे हों
-मुंह के छाले इतने गंभीर हों कि निगलना मुश्किल हो
-चक्कर आना या अत्यधिक कमजोरी के लक्षण हों
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