Cataract Prevention Tips: मोतियाबिंद उम्र बढ़ने के साथ होने वाली आम समस्या है। आंखों का लेंस धीरे-धीरे धुंधला हो जाता है, जिससे साफ-साफ देखना मुश्किल होने लगता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ सरल आदतें अपनाकर आप मोतियाबिंद के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
मोतियाबिंद क्यों होता है?
उम्र बढ़ने के साथ आंखों के लेंस में प्रोटीन का जमाव बढ़ने लगता है, जो लेंस को धुंधला बना देता है। इसके मुख्य कारणों कि बात करें तो लंबे समय तक धूप में रहना,अनियंत्रित डायबिटीज,धूम्रपान की आदत,तनाव और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से ये दिक्कत बढती है। हालांकि मोतियाबिंद को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इसके खतरे को काफी कम किया जा सकता है।
धूप से आंखों की सुरक्षा करें
मोतियाबिंद के खतरे का सूरज की हानिकारक UV किरणें भी बड़ा कारण हैं। इसलिए जब भी बाहर निकले हमेशा UV 400 protection वाले सनग्लासेस पहनें और चौड़ी किनारी वाली टोपी का इस्तेमाल करें कोशिश करें कि दोपहर 10 बजे से 4 बजे के बीच धूप में कम निकलें ये छोटा सा बदलाव आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है।
आंखों के लिए फायदेमंद आहार
खानपान मोतियाबिंद से बचाव में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर ले जैसे विटामिन C से भरपूर फल-सब्जियां जिसमे संतरा, शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकोली और अमरूद हो ,ल्यूटिन और जेक्सैंथिन युक्त हरी सब्जियां जैसे पालक, केल, मेथी और ब्रोकोली और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर बेरीज में ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी और इनका रोजाना ताजा सलाद खाएं तो ये पोषक तत्व फ्री रेडिकल्स से आंखों की रक्षा करते हैं और लेंस को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
नियमित व्यायाम रखें आंखें स्वस्थ
रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉकिंग करना भी मोतियाबिंद के जोखिम को कम करता है। व्यायाम से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है इसके साथ ही आंखों की छोटी ब्लड वेसल्स भी स्वस्थ रहती हैं तो हफ्ते में कम से कम 5 दिन 30-40 मिनट वॉक या कोई हल्का व्यायाम जरूर करें।
मल्टीविटामिन और सप्लीमेंट्स का सहारा
अगर आपकी डाइट में पोषक तत्वों की कमी है तो डॉक्टर की सलाह से मल्टीविटामिन लेना फायदेमंद हो सकता है। खासतौर पर आप विटामिन C,विटामिन E,ल्यूटिन,जेक्सैंथिन ,जिंक और ओमेगा-3 ले सकते है पर ध्यान रखें किसी भी सप्लीमेंट को खुद से शुरू न करें। हमेशा डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।
तनाव कम करें, आंखें बचाएं
ज्यादा तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो ब्लड शुगर बढ़ाकर आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। तनाव कम करने के लिए रोजाना 10-15 मिनट गहरी सांस लेने का अभ्यास ,च्युइंग गम चबाना भी एक विकल्प हो सकता है इसके अलावा ध्यान यानी मेडिटेशन या योग भी अच्छी नींद के लिए जरुरी है
मोतियाबिंद उम्र के साथ जुड़ी समस्या है, लेकिन सही खानपान, धूप से सुरक्षा, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में आपकी आंखों की रोशनी को सुरक्षित रख सकती हैं बचाव के लिए धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें और अपने डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को अच्छे से कंट्रोल में रखें ,हर साल आंखों की नियमित जांच करवाएं और स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने से बचें 20-20-20 नियम का पालन करें।याद रखें अगर आंखों में धुंधलापन, रंगों में फीका पड़ना या रोशनी में चकाचौंध जैसी समस्या हो तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें।



