Shark Tank India Season 3 में इस बार निवेश को लेकर सोच थोड़ी बदली हुई नजर आ रही है। अब सिर्फ मुनाफा और नंबर गेम ही नहीं, बल्कि बिजनेस के पीछे की सोच और समाज पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में शो के सबसे युवा और चर्चित शार्क, OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल, ने निवेश को लेकर अपनी सोच साझा की।
रितेश अग्रवाल उन उद्यमियों में से हैं जिन्होंने बेहद सीमित संसाधनों से शुरुआत कर आज एक ग्लोबल ब्रांड खड़ा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बिजनेस शुरू करने का सपना देखा था, तब उनके पास जेब में महज 23 रुपये थे। लेकिन आज वही सफर उन्हें करोड़ों की दुनिया तक ले आया है।
निवेश से पहले क्यों जरूरी है ‘नीयत’?
रितेश अग्रवाल का मानना है कि किसी भी स्टार्टअप में पैसा लगाने से पहले सिर्फ फाइनेंशियल आंकड़े देखना काफी नहीं होता। उनके मुताबिक, यह समझना बेहद जरूरी है कि बिजनेस करने वाला व्यक्ति किस मकसद से काम कर रहा है और उसका बिजनेस समाज पर क्या प्रभाव डाल रहा है।
उनका कहना है कि एक अच्छा बिजनेस वही होता है जो सिर्फ मुनाफा न कमाए, बल्कि समाज की किसी समस्या का समाधान भी करे। ऐसे स्टार्टअप्स लंबे समय तक टिकते हैं और लोगों का भरोसा जीतते हैं।
सोशल इम्पैक्ट और मुनाफा साथ-साथ
रितेश अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा कि सोशल इम्पैक्ट और प्रॉफिट को एक-दूसरे का विरोधी मानना गलत है। दोनों एक साथ चल सकते हैं।
उनके अनुसार, जिन कंपनियों का समाज में पॉजिटिव इमेज होता है, उन्हें ग्राहक बार-बार चुनते हैं। इससे ब्रांड पर भरोसा बनता है और बिजनेस की उम्र बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि जब ग्राहक किसी ब्रांड से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं, तो वह कंपनी 10, 20甚至 30 साल तक बाजार में मजबूती से बनी रह सकती है।
भरोसे की ताकत: टाटा का उदाहरण
अपनी बात को और मजबूत करते हुए रितेश अग्रवाल ने देश के एक बड़े और भरोसेमंद ब्रांड का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत में कुछ ऐसे नाम हैं जिन पर लोग आंख बंद करके भरोसा करते हैं।
ऐसी कंपनियों ने अपने सफर की शुरुआत नेक इरादों से की और आज वे सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि भरोसे का प्रतीक बन चुकी हैं।
क्या शार्क टैंक में बदल रहा है निवेश का नजरिया?
शार्क टैंक इंडिया में अब यह साफ दिखाई दे रहा है कि निवेश का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है। कई निवेशक अब सिर्फ रेवेन्यू और वैल्यूएशन तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि यह भी देखना चाहते हैं कि स्टार्टअप समाज के लिए क्या योगदान दे रहा है।
रितेश अग्रवाल का मानना है कि आने वाले समय में वही स्टार्टअप्स सफल होंगे जो वैल्यू क्रिएशन, समस्या समाधान और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनाएंगे। अगर कोई स्टार्टअप लोगों की जिंदगी आसान बना रहा है, तो निवेश अपने आप उसकी ओर आकर्षित होगा।
भविष्य के उद्यमियों के लिए संदेश
रितेश ने नए उद्यमियों को सलाह दी कि सिर्फ पैसों के पीछे भागने के बजाय सही नीयत और मजबूत सोच के साथ बिजनेस शुरू करें। जब बिजनेस का मकसद साफ होता है, तो सफलता अपने आप रास्ता बना लेती है।
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