12वीं के बाद इकोनॉमिक्स में करियर बनाना आज के समय में छात्रों के लिए एक शानदार विकल्प है। इकोनॉमिक्स की पढ़ाई केवल एकेडमिक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग, फाइनेंस, पॉलिसी मेकिंग, रिसर्च और कॉरपोरेट सेक्टर में भी अच्छे मौके देती है। देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और संस्थान इकोनॉमिक्स के अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करते हैं। सही एंट्रेंस एग्जाम का चयन छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।
प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम और उनकी जानकारी
BA (Economics) और Business Economics में एडमिशन के लिए कई एंट्रेंस एग्जाम आयोजित होते हैं। इनमें भाषा, डोमेन सब्जेक्ट और जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट शामिल होते हैं। फीस और परीक्षा की अवधि अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए, मुंबई और बेंगलुरु में 3 वर्षीय B.Sc Economics कोर्स के लिए परीक्षा ऑनलाइन होती है, जिसमें क्वांटिटेटिव एबिलिटी, रीजनिंग, जनरल इंटेलिजेंस और इंग्लिश शामिल हैं। वहीं, AMU-ET और BHU UET जैसे एग्जाम अब CUET-UG के माध्यम से बदल दिए गए हैं।
CUET-UG के जरिए एडमिशन प्रक्रिया
अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में BA Economics/Business Economics में एडमिशन CUET-UG के माध्यम से होगा। परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन हो सकती है और इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, रीजनिंग, गणितीय क्षमता और भाषा समझ से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। आवेदन की समय सीमा और शुल्क अलग-अलग विश्वविद्यालयों के हिसाब से तय होती है। ये एग्जाम छात्रों को इकोनॉमिक्स में मजबूत करियर बनाने का पहला कदम प्रदान करते हैं।



