India vs New Zealand : न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज में भारत की 1-2 से हार ने टीम इंडिया को एक बार फिर कड़वी हकीकत से रूबरू करा दिया है। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 296 रनों पर सिमट गई। न्यूजीलैंड ने मैच 41 रनों से जीता और सीरीज पर कब्जा जमाया। यह भारत की घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली वनडे सीरीज हार है।
डेढ़ साल में दूसरी बार न्यूजीलैंड का धमाका
यह हार भारत के लिए कोई नई बात नहीं है। पिछले डेढ़ साल में न्यूजीलैंड ने दूसरी बार भारतीय क्रिकेट को झटका दिया है। 2024 में टॉम लैथम की कप्तानी वाली न्यूजीलैंड टीम ने भारत में टेस्ट सीरीज 3-0 से क्लीन स्वीप की थी, यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ था। उस हार के बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। अब 14 महीने बाद न्यूजीलैंड ने वनडे फॉर्मेट में वही कर दिखाया, भले ही उनकी टीम काफी कमजोर स्क्वॉड के साथ आई थी पर इतिहास दोहाराया।
घरेलू सीरीज(India vs New Zealand) में हार अक्सर बड़े बदलावों का कारण बनती है। इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है,भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी कहाँ कि यह हार चुभेगी’ अब यह समय टीम के लिए आत्ममंथन और नए फैसलों का है, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
सबसे पहले सीनियर खिलाड़ियों पर नजर
वर्तमान वनडे टीम में 36 साल से ऊपर के सिर्फ तीन खिलाड़ी हैं..विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा। कोहली पिछले कुछ महीनों में अपने खेल में बदलाव लाकर आधुनिक वनडे क्रिकेट के अनुरूप ढल चुके हैं और फिलहाल सुरक्षित नजर आते हैं। रोहित शर्मा का लंबा प्रभावी करियर उन्हें कुछ हद तक बचाव देता है, लेकिन जडेजा पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।पूरी सीरीज(India vs New Zealand) में जडेजा एक भी विकेट नहीं ले पाए यह 2017 के बाद पहली बार है जब वे लगातार तीन वनडे में विकेटलेस रहे। बल्ले से भी उनका योगदान न के बराबर रहा। निर्णायक मैच में कोहली को सहारे की जरूरत थी, लेकिन जडेजा ने गैर-जरूरी शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया। फील्डिंग में भी गिरावट दिखी उन्होंने एक आसान कैच छोड़ दिया। निचले क्रम के बल्लेबाज हर्षित राणा ने उनसे बेहतर बल्लेबाजी की। आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि जडेजा का वनडे करियर खतरे में है।अब सवाल उठ रहै है कि जडेजा की जगह अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर मौजूद हैं, जो स्पिन और बल्लेबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं।
गौतम गंभीर की कोचिंग पर भी सवाल?
पिछली बार जब न्यूजीलैंड ने भारत को घर में हराया था, तब सारा दोष खिलाड़ियों पर गया था और गौतम गंभीर नए कोच थे। इस बार सवाल टालना मुश्किल होगा। चैंपियंस ट्रॉफी जीत को छोड़ दें तो वनडे और टेस्ट में गंभीर का रिकॉर्ड खास प्रभावशाली नहीं रहा। यह हार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया व्हाइटवॉश के ठीक बाद आई है, जिससे कोचिंग पर बहस और तेज हो गई है।



