Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है. पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर के लोगों ने जिन्होंने इतने कठिन समय में हमारा साथ दिया मैं उनका धन्यवाद करता हूं. आप जानते हैं कि किस तरह पिछले 4 साल से ED, CBI और सारी संस्थाओं का इस्तेमाल करके हमारे ऊपर शराबा घोटाला नामक एक आरोप लगाया गया. CBI, ED ने उसमें चार्जशीट दाखिल की. आज कोर्ट ने लगभग 600 पेज के आदेश में कहा है कि इतना भी सबूत नहीं है कि इसमें मुकदमा भी चलाया जा सके. कोर्ट का कहना है कि इतना गलत, फर्जी केस है कि इसमें मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता. यह पूरा षड्यंत्र किसने और क्यों रचा? यह पूरा षड्यंत्र प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने रचा, उन दोनों को देश से माफी मांगनी चाहिए.
वहीं पत्रकारों के एक सवाल के जवाब देते हुए AAP संयोजक केजरीवाल ने कहा कि “मैं आपसे पूछता हूं कि केजरीवाल जेल गया, क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गया? संजय सिंह जेल गया, क्या राहुल गांधी जेल गया? मनीष सिसोदिया जेल गया, क्या सोनिया गांधी जेल गईं? कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?
“CBI के अफसरों पर जांच होगी”
वहीं इससे पहले दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की भी प्रतिक्रिया आई. उन्होंने कहा कि बहुत बड़ी जीत है. भाजपा को बहुत बड़ा जवाब है, जिन लोगों ने एक छोटी सी सरकार गिराने के लिए, एक ईमानदार व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाए, उसे बदनाम किया, जेल भेजा और आज अदालत ने कह दिया कि CBI ने षड्यंत्र के तहत पहले कहानी बनाई, फिर उसमें पात्रों को डाला. CBI के अफसरों पर जांच होगी, यह कोर्ट का आदेश है.
यह भी पढ़ें: “कोई कितना भी शक्तिशाली हो, शिव शक्ति से ऊपर नहीं…” केजरीवाल के बरी होने पर बोलीं पत्नी सुनीता
“पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र किया गया”
AAP नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि मैं सभी को बधाई दूंगा, पूरे देश में आम आदमी पार्टी है जो जनता के लिए काम करती है. भाजपा, प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए. जो हुआ वह गलत हुआ. एक ऐसी पार्टी जिसने स्कूल, अस्पताल, रोड, बिजली ठीक करने की बात कही लेकिन उसके बजाय उस पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र किया गया. जनता इनसे बदला लेगी.
“आखिरकार जीत सच्चाई की होती है”
AAP नेता आतिशी ने कहा कि कोर्ट का यह आदेश दिखाता है कि सच्चाई का रास्ता मुश्किल हो सकता है, उस पर संघर्ष हो सकता है, लेकिन आखिरकार जीत सच्चाई की होती है. आज कोर्ट के आदेश ने देश के सामने दो बातें रखी हैं एक बीजेपी का षड्यंत्र और दूसरी अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी.



