दिल्लीः आठ साल पूर्व उन्नाव में युवती के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली में ज़मानत मिल गई है। गौरतलब यह है कि एक दिन पूर्व ही दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़मानत देने से इंकार कर दिया था। दिल्ली में बुधवार को कोर्ट की डबल बैंच ने सिंगल बैंच के फैसले को सस्पैंड कर दिया। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह को जमानत मिलने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे निराशाजनक और शर्मनाक बताया और सिस्टम द्वारा पीड़िता के साथ किए जा रहे बर्ताव पर सवाल उठाया। उन्होंने आगे दावा किया कि भारत न सिर्फ एक मरी हुई इकॉनमी बन रहा है, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं से एक मरा हुआ समाज भी बन रहा है।
एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, “क्या गैंग रेप पीड़िता के साथ ऐसा बर्ताव सही है? क्या उसकी ’गलती’ यह है कि उसमें न्याय के लिए आवाज उठाने की हिम्मत है? यह बात कि उसके गुनहगार को जमानत मिल गई है, बहुत निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार परेशान किया जा रहा है और वह डर के साये में जी रही है.“
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’सर्वाइवर के साथ क्रिमिनल जैसा बर्ताव’
गांधी ने कहा, “रेपिस्ट को बेल देना और सर्वाइवर के साथ क्रिमिनल जैसा बर्ताव करना. यह कैसा इंसाफ है?“ उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें जस्टिस सिस्टम में लोगों का भरोसा खत्म करती हैं. सीनियर कांग्रेस लीडर ने आगे कहा कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ इंस्टीट्यूशनल फेलियर बल्कि गहरी मोरल गिरावट का भी इशारा करती हैं. हम सिर्फ एक मरी हुई इकॉनमी ही नहीं बन रहे हैं — ऐसी अमानवीय घटनाओं से हम एक मरे हुए समाज में भी बदल रहे हैं.
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और इसे दबाना अपराध है. सर्वाइवर सम्मान, सुरक्षा और न्याय का हकदार है – लाचारी, डर और अन्याय का नहीं.“ सर्वाइवर की मां ने आरोप लगाया कि जब उसे और उसकी दो बेटियों को ब्त्च्थ् की गाड़ी में ले जाया जा रहा था, तो उसे अचानक सड़क के किनारे उतार दिया गया और सिक्योरिटी गार्ड उसकी बेटियों को ले गए। उन्होंने आगे आरोप लगाया, “हमें इंसाफ नहीं मिला… वे मेरी बेटी को बंदी बनाकर ले जा रहे हैं… ये सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं. वे मेरी बेटियों को ब्त्च्थ् की गाड़ी में ले गए… कुलदीप सेंगर की जमानत कैंसिल होनी चाहिए; नहीं तो हम अपनी जान दे देंगे… नहीं तो हमें मार दिया जाएगा, हम सुरक्षित नहीं हैं.“
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दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को दोषी माना
एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत (सजा सस्पेंड) दे दी थी. उन्हें दिल्ली सीबीआई कोर्ट ने एक नाबालिग से रेप केस में दोषी ठहराया था और वह उम्रकैद की सजा काट रहे थे. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने उनकी अपील पेंडिंग रहने तक सजा सस्पेंड कर दी. उन्हें इस शर्त पर राहत दी गई है कि वह 15 लाख रुपये का बेल बॉन्ड भरें. हालांकि, वह कस्टडी में ही रहेंगे, क्योंकि उन्हें अभी तक पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ मामले में बेल नहीं मिली है. सजा सस्पेंड करने के लिए एक अपील और एप्लीकेशन दिल्ली हाई कोर्ट में पेंडिंग है. उस मामले में उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी.



