New Delhi: भारत सरकार ने मेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है जिसमें लगभग 42,000 करोड का निवेश होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 22 नए प्रस्तावों को मंज़ूरी दी है. इन परियोजनाओं के माध्यम से कुल 41,863 करोड़ रुपये के निवेश और 2,58,152 करोड़ रुपये के उत्पादन का अनुमान है. इसके साथ ही देश में 33,791 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है.
मेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट बड़े नाम शामिल
42,000 करोड़ के निवेश और भारत ने मंजूर किए मेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट के प्रस्ताव में अनेक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त प्रमुख कंपनियां शामिल हैं. केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन कंपनियों को औपचारिक रूप से स्वीकृति पत्र सौंपे.
पहले चरण के बाद तीसरा बड़ा ट्रांच
इससे पहले सरकार ने मेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट तहत 24 आवेदनों को 12,704 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंज़ूरी दी थी. अब तीसरे ट्रांच में 22 नए प्रस्तावों को हरी झंडी देकर सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को और गति दी है. मंत्रालय के अनुसार, ये परियोजनाएं 11 लक्षित उत्पाद श्रेणियों से जुड़ी हैं, जिनका उपयोग मोबाइल, टेलीकॉम, कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव, आईटी हार्डवेयर और रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में होता है.
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आठ राज्यों में फैले प्रोजेक्ट्स
42,000 करोड़ के निवेश और भारत ने मंजूर किए मेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित आठ राज्यों में स्थापित की जाएंगी. इससे सरकार के संतुलित औद्योगिक विकास और देशभर में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के विस्तार के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी.



