नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देश के फाइनेंशियल मार्केट्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। एक तरफ शेयर बाजार ने साल के पहले कारोबारी दिन पॉजिटिव शुरुआत की, वहीं दूसरी ओर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता नजर आया। सोना और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की नजर अब आगे की रणनीति पर टिकी हुई है।
शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती
साल 2026 के पहले दिन घरेलू शेयर बाजार सकारात्मक माहौल के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी हरे निशान में रहा।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 85 हजार के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 60 अंकों की मजबूती देखने को मिली और यह 26,000 के ऊपर बना रहा।
सेंसेक्स में शामिल कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जिनमें एविएशन, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयर आगे रहे। हालांकि एफएमसीजी और फाइनेंस से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयरों में दबाव भी नजर आया।
बाजार पर ग्लोबल संकेतों का भी असर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई, जिससे इंपोर्टिंग देशों को राहत मिली। वहीं विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली जारी रही, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को सहारा दिया।
रुपये की कमजोरी बरकरार
जहां शेयर बाजार ने नई शुरुआत में मजबूती दिखाई, वहीं रुपया लगातार दबाव में नजर आया। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया करीब 90 के स्तर के पास पहुंच गया, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि करेंसी मार्केट में चुनौतियां अभी बनी हुई हैं।
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया हल्की गिरावट के साथ खुला और कारोबार के दौरान और कमजोर हो गया। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और डॉलर की मजबूती के कारण रुपये पर दबाव देखा गया।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार आने वाले समय में रुपये को बड़ी गिरावट से बचा सकते हैं, लेकिन फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सोने और चांदी की चाल सुस्त
कमोडिटी मार्केट में साल के पहले दिन सोना और चांदी दोनों ही सुस्त कारोबार करते नजर आए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह 10 ग्राम के भाव में कुछ सौ रुपये नीचे फिसल गया।
कारोबार के दौरान सोना दिन के निचले स्तर तक पहुंचा, जबकि पिछले सत्र में भी इसमें कमजोरी देखने को मिली थी। वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी रही और प्रति किलोग्राम भाव में कई सौ रुपये की कमी दर्ज की गई।
पिछले साल सोना और चांदी निवेशकों के लिए शानदार साबित हुए थे, लेकिन नए साल की शुरुआत में इन दोनों की चाल फिलहाल स्थिर से कमजोर नजर आ रही है।
2026 की शुरुआत ने दिए मिले-जुले संकेत
कुल मिलाकर, 2026 के पहले कारोबारी दिन ने निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लास में अलग संकेत दिए हैं। शेयर बाजार में जहां भरोसा दिख रहा है, वहीं रुपया दबाव में है और सोना-चांदी फिलहाल ठहराव के दौर से गुजर रहे हैं।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी होगी कि आने वाले दिनों में ग्लोबल इकोनॉमी, ब्याज दरें और विदेशी निवेश का रुख इन बाजारों को किस दिशा में ले जाता है।
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