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Starlink के भारत में कदम रखने के बाद सैटेलाइट, 5G या ब्रॉडबैंड ? कौन सा इंटरनेट सही

Starlink के भारत में कदम रखने के बाद सैटेलाइट

Mumbai: भारत में एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को लाइसेंस मिल चुका है और अब कंपनी जल्द ही देश के दूर-दराज इलाकों में अपनी सर्विस शुरू करने की तैयारी में है। अब सवाल ये बनता है कि आज के समय में इंटरनेट के लिए जो तीन ऑप्शन हैं -Starlink, 5जी और ब्रॉडबैंड, उनमें से किसे चुनें। स्पीड, कवरेज, कीमत और भरोसे के लिहाज से ये तीनों टेक्नोलॉजी काफी अलग हैं और हर एक की जरूरत भी अलग होती है। ऐसे में यहां हम समझ सकते हैं कि किस सिचुएशन में कौन-सी टेक्नोलॉजी आपके लिए बेहतर रहेगी।

Starlink सेटकॉम क्या है ?

Starlink  एक सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस है जो एलइंर्ओ सैटेलाइट्स के जरिए काम करती है। इसके जरिए उपयोग करने वाले के घर तक इंटरनेट का सिग्नल सीधा आसमान से एक डिश के जरिए पहुंचता है। न फाइबर लाइन की जरूरत, न टॉवर का झंझट। स्टारलिंक उन इलाकों के लिए अच्छा है जहां मोबाइल नेटवर्क भी मुश्किल से पहुंचता है या ब्रॉडबैंड की कोई सुविधा नहीं है।

200 MBPS तक मिल सकती है स्पीड

स्पीड की बात करें तो यह 50 से 200 MBPS तक मिल सकती है और लेटेंसी करीब 20 से 50 MS के बीच रहती है। हालांकि इसकी कीमत अभी काफी ज्यादा है। इसके इंस्टॉलेशन किट की कीमत 30,000 रुपये से ऊपर आंकी जा रही है और मंथली प्लान भी 3,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच हो सकते हैं। हालांकि, एक हालिया रिपोर्ट में इशारा दिया गया था कि शुरुआती कुछ समय तक ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को जोड़ने के लिए कंपनी 810 रुपये प्रति माह से शुरू होने वाले प्लान ऑफर कर सकती है।

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5 G तकनीक प्लान

दूसरी तरफ 5जी मोबाइल इंटरनेट, खासकर शहरों और बड़े कस्बों के लिए काफी बेहतर ऑप्शन बनकर उभरा है। इसमें न कोई इंस्टॉलेशन की जरूरत होती है और न ही कोई भारी सेटअप। स्मार्टफोन, हॉटस्पॉट या 5जी डोंगल से सीधे कनेक्शन मिल जाता है। हालांकि 5जी की परफॉर्मेंस पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आपके एरिया में नेटवर्क कितना स्ट्रॉन्ग है और यूजर लोड कितना है। बहुत से यूजर्स को 5जी में अच्छी स्पीड नहीं मिल रही क्योंकि टावर कवरेज या नेटवर्क भीड़ से जूझ रहा है और पहाड़ी इलाकों में तो 5जी अभी पहुंचा तक नहीं है, खासतौर पर कई दूरदराज के इलाके ऐसे भी हैं, जहां 4जी भी ढ़ंग से नहीं आता है।

फाईबर ब्रॉडबैंड तकनीक, प्लान

अब बात करें फाइबर ब्रॉडबैंड की, तो यह आज भी इंटरनेट के लिए सबसे भरोसेमंद और स्टेबल तरीका माना जाता है। अगर आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं, स्ट्रीमिंग पर हैं, या ज्यादा डेटा यूज करते हैं, तो फाइबर लाइन पर चलने वाला ब्रॉडबैंड सबसे अच्छा रहेगा। इसकी स्पीड 100 डइचे से लेकर 1 जीबीपीएस तक जाती है और लेटेंसी भी सबसे कम होती है। कई जगह 400 रुपये से 1,000 रुपये में अच्छे ब्रॉडबैंड प्लान मिल रहे हैं। लेकिन दिक्कत वहीं आती है जहां फाइबर नेटवर्क अभी पहुंचा नहीं है। गांव या छोटे कस्बों में इसकी पहुंच अभी भी सीमित है। पहाड़ी इलाके भी इससे अभी दूर है।

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