Women Reservation Bill 2026: महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आप सिर्फ भूमिका बांधेंगे कि लेकर भी आएंगे. हम लोग सिर्फ इंतजार कर रहे हैं कि आप लेकर आए और पूरा विपक्ष इसका समर्थन कर रहा है.
“हम इसे कुछ शर्तों के साथ समर्थन करेंगे”
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि इस बिल का स्वागत है और बहुत दिनों से इस बिल का इंतजार था नारी शक्ति वंदन अधिनियम जब हम नए भवन में प्रवेश किए थे तभी घोषणा हुआ था कि महिला आरक्षण बिल आएगा लेकिन प्रतीक्षा चलती रही तो फाइनली ये जब हो गया है तो हम स्वागत करते हैं. महिलाएं तैयार हो रही हैं वो लोकसभा और विधानसभा में भी आएंगी. हम इसे कुछ शर्तों के साथ समर्थन करेंगे. आज हम इस पर निर्णय लेंगे कि हमें इस बिल में क्या-क्या मांग रखनी है ताकि ये बिल सबके लिए हो और सबको लाभ मिले.
“आरक्षण के जनक राजीव गांधी थे”
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रजनी अशोकराव पाटिल ने कहा कि हम इसका स्वागत करेंगे. आरक्षण के जनक राजीव गांधी थे. तो इसे हम आगे बढ़ाएंगे.
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“कृपया इसे परिसीमन के साथ ही निपटाया जाए”
कांग्रेस सांसद एस. जोतिमणि ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि जब सरकार ने पिछली बार यह बिल पेश किया था, तो कांग्रेस पार्टी ने साफ़ तौर पर कहा था कि कृपया इसे परिसीमन के साथ ही निपटाया जाए, लेकिन सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी, क्योंकि उस समय वे इसे लेकर गंभीर नहीं थे. अब, मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश चुनावों ने उन्हें चुनावी समीकरणों के चलते इस पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है.
33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की तैयारी में केंद्र सरकार
बता दें कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की तैयारी में है. इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र में दो बिल लाए जा सकते हैं. इसके जरिए महिला आरक्षण लागू करने की मौजूदा शर्त में बदलाव किया जाएगा. जिससे लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है. वहीं महिला सांसदों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 273 हो जाएगी. केंद्रीय गृहमंत्री अमित ने इस बिल पर सहमति बनाने के लिए सोमवार को एनडीए और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी. सहमति बनने पर बिल इसी हफ्ते पेश किया जा सकता है. दरअसल, महिला आरक्षण कानून संविधान के 106वें संशोधन के रूप में 2023 में पास हुआ था. इसके तहत महिला आरक्षण नई जनगणना के बाद लागू होना है.



