Mamata Banerjee vs Droupadi Murmu: पश्चिमी बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से प्रोटोकॉल में हुई लापरवाही को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पूरे मामले पर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आज शाम तक पूरे मामले की जानकारी देने के लिए कहा गया है. रिपोर्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान किए गए प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल, यात्रा मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं पर जवाब मांगा गया है. राज्य सरकार से केंद्र सरकार ने 4 प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का पालन, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, राष्ट्रपति का काफिले का मार्ग और सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाएं शामिल है.
पीएम मोदी ने जताई नाराजगी
मामले पर पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और दुख ने भारत की जनता के मन में गहरा दुख पहुंचाया है. बंगाल की टीमएसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी है. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है.
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“राष्ट्रपति का अपमान किया”
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि पश्चिमी बंगाल में तृणमूल सरकार आज अपने अराजक व्यवहार से और भी निचले स्तर पर गिर गई है. उसने प्रोटोकॉल की पूरी तरह अनदेखी कर राष्ट्रपति का अपमान किया. तृणमूल सरकार न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का मनमाने ढंग से उल्लंघन करती है, बल्कि राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शती.
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
वहीं अपनी सरकार पर लगे आरोपों पर सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि बीजेपी इतनी घटिया हरकत पर उतर आई है कि वह बंगाल को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रही है. माननीय राष्टपति महोदया का हम आपका आदर करते हैं, लेकिन चुनाव के दौरान बीजेपी के इशारे पर राजनीति ने करें. मणिपुर और बीजेपी शासित अन्य राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा था, तब राष्ट्रपति मुर्मू चुप क्यों थी. आपको पश्चिमी बंगाल के आदिवासियों के लिए किए गए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है.



