America Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर गुरुवार तड़के एक बार फिर एयरस्ट्राइक की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया. जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला करने का दावा किया. कुवैत और बहरीन में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया है. वहीं जॉर्डन ने 3 ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी है. इसी बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा अगर अमेरिका पीछे नहीं हटा तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है. वहीं दूसरी तरफ IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात रोका जा सकता है.
बहरीन-कुवैत के अमेरिकी ठिकानों पर हमला
ईरानी सेना की तरफ से दावा किया गया है कि अगर ऑपरेशन थंडरबोल्ट के 10वें चरण में बहरीन-कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए हैं. कुवैत के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, अली अल-सलेम एयर बेस पर रडार और ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया है. वहीं इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एयरबिल में 5 ड्रोन हमले हुए हैं. प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार देश की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी. एयरबिल पुलिस के मुताबिक 5 ड्रोन हमले किए गए हैं. इनमें से एक ड्रोन को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास मार गिराया गया है. वहीं 2 अन्य ड्रोन शहर के बाहर इलाके में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस के पास गिरे.
सेमनान एयरपोर्ट पर एयरस्ट्राइक
ईरान के उत्तरी मध्य हिस्से में स्थित सेमनान एयरपोर्ट पर भी गुरुवार को हवाई हमले किए गए. IRIB के मुताबिक, एयरपोर्ट के कुछ हिस्से दुश्मन की एयरस्ट्राइक को निशाना बने हैं. सेमनान प्रांत के संकट प्रबंधक मुख्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इमरजेंसी टीमें मौके पर तैनात कर दी गई है.
ईरान के खिलाफ जंग बढ़ा सकते है ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज करने की तैयारी में है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप ने हाल ही के दिनों में कई सुरक्षा बैठकों में नए सैन्य विकल्पों पर चर्चा की है. जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी द्वीपों पर अमेरिकी सैनिक उतारना, एयरस्ट्राइक बढ़ाना और पिकऐक्स माउंटेन न्यूक्लियर साइट पर हमला शामिल है.
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