Iran America War Update: होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को समाप्त करने की घोषणा कर दी है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि मिशन अपने उद्देश्यों को हासिल कर चुका है, इसलिए इसे आगे जारी रखने की जरूरत नहीं है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शांति की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत दिया है. इस फैसले के पीछे घरेलू राजनीतिक दबाव, युद्ध अधिनियम और आगामी चुनावों को अहम कारण माना जा रहा है, जिससे अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई से पीछे हटता दिख रहा है.
ऑपरेशन खत्म करने का ऐलान
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पूरा हो चुका है, इसलिए इसे जारी रखने का कोई औचित्य नहीं बचा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अब इस तरह की सैन्य कार्रवाई को दोबारा शुरू नहीं करना चाहता.
ट्रंप का शांति संदेश
घोषणा के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी कर कहा कि ईरान के लोग अच्छे हैं और वह संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहते. यह बयान साफ संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन अब टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ना चाहता है.
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युद्ध अधिनियम का दबाव
इस फैसले के पीछे अमेरिकी ‘War Power Act’भी एक अहम कारण माना जा रहा है. इस कानून के तहत 60 दिनों के भीतर सरकार को युद्ध के कारणों की जानकारी कांग्रेस को देनी होती है.बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप प्रशासन को अपना रुख बदलना पड़ा.
चुनावी राजनीति का असर
विश्लेषकों का मानना है कि इस साल प्रस्तावित मिडटर्म चुनावों ने भी इस फैसले में बड़ी भूमिका निभाई है. लंबे समय तक चलने वाला युद्ध सरकार के लिए राजनीतिक जोखिम बन सकता था, जिससे सत्ता पर असर पड़ने की आशंका थी.
आगे की रणनीति
अमेरिका ने साफ किया है कि वह क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाए रखेगा, लेकिन अब प्राथमिकता शांति और कूटनीतिक समाधान को दी जाएगी.



