Jammu and Kashmir Assembly Protest: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज शुक्रवार को ईरान के पूर्व लीडर अयातुल्ला अली खामेनई की मौत को लेकर प्रदर्शन हुआ. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता खामेनई की तस्वीर लेकर सदन के अंदर पहुंचे और समर्थन में नारेबाजी की. सदन में कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की का भी वीडियो सामने आया है. हालांकि, ये विवाद बीजेपी नेताओं के राहुल गांधी पर कमेंट को लेकर हुआ. दरअसल, कांग्रेस के विधायक इरफान हाफिज पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. तभी बीजेपी विधायक युद्धवीर सेठी ने राहुल गांधी को पप्पू बता दिया, जिससे दोनों नेताओं के बीच हाथापाई होने लगी.
“ज़ुल्म ज़्यादा दिन चलता नहीं”
नेशनल कांफ्रेंस के विधायक मुबारक गुल ने ईरान युद्ध को लेकर विधानसभा में हुए हंगामे पर कहा कि जिस तरह से ईरान पर हमला किया गया, एक संप्रभु राज्य के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई साहब को शहीद किया गया, इस पर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की जा रही है. हम भी चाहते थे कि इस सदन में इस हमले की निंदा की जाए. जिस तरह एकतरफा जंग थोपी गई और जिसमें स्कूली बच्चों को मारा गया, सैकड़ों छोटे-छोटे मासूम बच्चों की जान गई, वहां भारी तबाही मची हुई है. हम यहां कश्मीर में भी यह दिखाना चाहते थे कि हर जिले में, हर मजहब के लोगों चाहे वे मुसलमान हों, सिख हों, ईसाई हों या किसी भी धर्म के लोग सभी ने इस हमले की निंदा की है.
मुबारक गुल ने आगे कहा कि हम अपनी नाराजगी जाहिर करना चाहते थे कि दुनिया में जो हो रहा है, वह बहुत गलत है. वहां युद्ध बंद होना चाहिए, सीजफायर होना चाहिए. हमने यहां भी अपील की है कि उस दिन ताज़ियत में जो बच्चे निकले थे, उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन पर केस लगाए गए. उन केसों को वापस लिया जाए, उन्हें रिहा किया जाए. यह ज़ुल्म है और ज़ुल्म ज़्यादा दिन चलता नहीं है.
“इसका अच्छा नतीजा निकलेगा”
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि जंग खत्म हो. प्रधानमंत्री ने बैठक बुलाई है ताकि सभी मुख्यमंत्रियों को भरोसे में लिया जाए और उसने राय भी ली जाए. यह एक अच्छा कदम है और हम उम्मीद करते हैं कि इसका अच्छा नतीजा निकलेगा.
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“अमेरिका-इज़राइल की दहशतगर्दी के खिलाफ निंदा की जाए”
पीडीपी विधायक आग़ा मुंतज़िर मेहदी ने कहा कि आप सब जानते हैं कि दुनिया पर किस तरह की गुंडागर्दी और दादागिरी थोप दी गई है. 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला इमाम खामनेई को जिस तरह बेरहमी से शहीद किया गया, तब से हम लगातार विरोध जता रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में भी हम विरोध कर रहे हैं. हम चाहते थे आज सदन से एक प्रस्ताव पारित हो, जिसमें अमेरिका और इज़राइल की दहशतगर्दी के खिलाफ निंदा की जाए. साथ ही एकजुटता का संदेश भी ईरानी लोगों तक पहुंचे कि जम्मू-कश्मीर के लोग इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी को इतिहास पढ़ना चाहिए. भारत-ईरान संबंध सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सभ्यतागत संबंध हैं. 1994 में, जब मानवाधिकार आयोग में भारत के खिलाफ प्रस्ताव पास होने वाला था और उस पर प्रतिबंध लग सकते थे, तब ईरान ने ही भारत का साथ दिया था. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जब-जब भारत को दोस्त की जरूरत पड़ी, ईरान ने अपनी दोस्ती निभाई है. लेकिन इस समय बीजेपी इन तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है, क्योंकि उसकी प्रतिबद्धता इस वक्त इज़राइल और अमेरिका के साथ है.



