Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार विपक्ष के निशाने पर है. इस कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में आतंकी सरकार और लोकतंत्र के बीच लड़ाई है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार को इस बार ध्वस्त होना है और भाजपा वहां लोकतंत्र स्थापित करेगी और बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालेंगे.
“बंगाल के कुछ इलाकों को प्रैक्टिकली बांग्लादेश बनना है“
इससे पहले रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी ममता बनर्जी को घेरा. उन्होंने कहा कि बंगाल का यह चुनाव दो भविष्य के बीच चुनने का चुनाव है. एक यह कि बंगाल के कुछ इलाकों को प्रैक्टिकली बांग्लादेश बनना है या बंगाल को 21वीं सदी में, इस अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प की तरफ आगे बढ़ना है. ये वो महान भूमि है जहां से वंदे मातरम् भी निकला और जन-गण-मन भी निकला.
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“ED की रेड के दौरान घबराहट दिखाई दी“
सांसद त्रिवेदी ने आगे कहा कि ममता बनर्जी ने ED की रेड के दौरान जिस प्रकार की घबराहट दिखाई है. भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ जब मुख्यमंत्री खुद ऐसी जगह गईं हों. ये दिखाता है कि उस हरे रंग की फाइल में कई राज़ छिपे हैं. ED के कार्यों में हस्तक्षेप किया गया. महत्वपूर्ण बात ये है कि ममता बनर्जी को अपनी पुलिस, अपने पर्सनल स्टाफ पर भी भरोसा नहीं था.
“ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए“
वहीं पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए हमले पर भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब ने टीएमसी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी पर हमला किसने किया, ये सब जानते हैं. दुर्भाग्य का विषय ये है कि सुवेंदु अधिकारी और उनके पिता इसी भूमि से आते हैं, वे पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष हैं. आप(ममता बनर्जी) उनकी रक्षा नहीं कर रही हैं लेकिन आप I-PAC के प्रतीक जैन की रक्षा कर रही हैं. ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए. आज बंगाल की जनता उनके रवैये को जान चुकी है. उनका(ममता बनर्जी) एक ही लक्ष्य है, वंशवाद और परिवारवाद… बंगाल की जनता इसे नहीं मानेगी.
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